Alibaba को भी पीछे छोड़ेगा इंडिया का ये ई-कॉमर्स पोर्टल, 11 मार्च को हो रहा है लॉन्च

Alibaba को भी पीछे छोड़ेगा इंडिया का ये ई-कॉमर्स पोर्टल

Alibaba को भी पीछे छोड़ेगा इंडिया का ये ई-कॉमर्स पोर्टल

दुनिया का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स पोर्टल अलीबाबा (Alibaba) को भारत ई-कॉमर्स (Bharat e-commerce) पोर्टल पीछे छोड़ सकता है. 11 मार्च को इंडिया में इसे लॉन्च किया जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 10, 2021, 8:31 AM IST
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नई दिल्ली: दुनिया का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स पोर्टल अलीबाबा (Alibaba) को भारत ई-कॉमर्स (Bharat e commerce) पोर्टल पीछे छोड़ सकता है. 11 मार्च को इंडिया में इसे लॉन्च किया जा रहा है. इसे देश के करीब 8 करोड़ व्यापारियों के संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की ओर से जारी किया जा रहा है. बीते साल नवंबर में कैट ने भारत ई कॉमर्स का लोगो लांच किया था. कोरोना (Corona)-लॉकडाउन के चलते इस पोर्टल को दो महीने की देरी से लांच किया जा रहा है. कैट का दावा है कि अलीबाबा ने जो नंबर इतने साल में जाकर बनाया है उससे ज़्यादा तो हमारे पास पहले से ही है.

CAIT के महामंत्री ने दी जानकारी
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल का कहना है कि भारत ई-मार्किट का लक्ष्य 31 दिसंबर, 2021 तक कम से कम सात लाख विक्रेताओं को ऑन बोर्ड करना और 31 दिसंबर, 2023 तक एक करोड़ विक्रेताओं को जोड़ कर चीन के अलीबाबा को पछाड़कर इसे दुनिया का सबसे बड़ा बाज़ार बनाना है, जिसमें लगभग 80 लाख विक्रेता मौजूद हैं.

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अमेजन से 5 तो फ्लिपकार्ट से 1.5 लाख व्यापारी जुड़े हैं


कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि चाइन के अलीबाबा पोर्टल पर मौजूदा वक्त में दुनियाभर के सबसे ज्यादा दुकानदार हैं. इसी के चलते वो दुनिया का नंबर वन पोर्टल बना हुआ है. लेकिन लॉकडाउन के चलते हम धीरे-धीरे चलते हुए भी एक साल में अलीबाबा के इस आंकड़े को छू लेंगे. और सबसे बड़ी बात यह है कि यह सब भारतीय कारोबारी होंगे. एक ऐसोसिएशन के नाते यह सभी कारोबारी हमारे से पहले से ही जुड़े हुए हैं. कैट कारोबारियों की एक राष्ट्रीय संस्था है.

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कैट से मौजूदा वक्त में 40 हज़ार छोटी-बड़ी एसोसिएशन और उसके 8 करोड़ कारोबारी जुड़े हुए हैं. वहीं एक मोटे अनुमान के अनुसार 7 करोड़ कारोबारियों के यहां करीब 40 से 45 करोड़ लोग काम करते हैं. दूसरी ओर कहीं न कहीं 8 करोड़ कारोबारी भी एक-दूसरे के ग्राहक हैं. कुल मिलाकर यह आंकड़ा भारत ई कॉमर्स की कामयाबी की बड़ी सीढ़ी बनेगा. और यही सीढ़ी हमे 5 लाख कारोबारी वाले अमेजन और 1.5 लाख वाले फ्लिपकार्ट से आगे निकलने में मदद करेगी.

यह खूबियां होंगी भारत ई कॉमर्स में
राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल का कहना है कि इस पोर्टल को शुरु करने के पीछे हमारा सबसे बड़ा मकसद चाइनीज सामान का बायकाट करना है. इस पोर्टल पर एक भी चाइनीज सामान नहीं बिकेगा. एफडीआई या किसी भी तरीके से इस पोर्टल में विदेशी निवेश नहीं होगा. इस पोर्टल को बनाने के लिए नई अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी, डिलीवरी सिस्टम, सामान का क्वालिटी कंट्रोल, डिजिटल भुगतान आदि खास तकनीकों का पूरा इस्तेमाल किया गया है.
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