क्या करेंसी नोट से कोरोना वायरस फैल सकता है? इस सवाल पर नहीं मिला केंद्र से जवाब

कोरोना वायरस: क्या करेंसी नोट और सिक्कों से भी फैल सकता है?
कोरोना वायरस: क्या करेंसी नोट और सिक्कों से भी फैल सकता है?

कोरोना वायरस (Coronavirus Pandemic) के संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रहा है. इस महामारी के फैलाव के कई कारण हो सकते है लेकिन क्या यह करेंसी नोटों से भी फ़ैलता है? इस सवाल का जवाब केंद्र सरकार 6 महीने के बाद भी नहीं दे पाई है?

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 19, 2020, 1:10 PM IST
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नई दिल्ली. व्यापारी संगठन कैट ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन (Health Minister of India) और आईसीएमआर (ICMR) से सीधा सवाल पूछा था. जवाब नहीं मिलने पर कैट (CAIT — The Confederation of All India Traders) ने कटाक्ष करते हुए कहा है कि कोविड 19 के कारण सरकार के मंत्रियों और स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण सरकारी विभागों पर काम का बोझ बहुत ज़्यादा है. कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ता जा रहा है. इस महामारी के फैलाव के कई कारण हो सकते है लेकिन क्या यह करेंसी नोटों से भी फ़ैलता है? इस सवाल का जवाब केंद्र सरकार 6 महीने के बाद भी नहीं दे पा रही है. कैट ने कहा कि यदि राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण संस्था कोरोना से निपटने के लिए सरकार की मदद करने के उद्देश्य से कोई तार्किक जानकारी माँगे तो भी किसी के पास इतनी फ़ुरसत नहीं है कम से कम जवाब दिया जाय.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और आईसीएमआर से इस तारीख को पूछे गए थे सवाल?

कन्फ़ेडरेशन ओफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्ज़ ने 8 मार्च 2020 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन को एक चिट्ठी लिखकर सवाल पूछा था की करेंसी नोटों के ज़रिए कोरोना वायरस फैलने का खतरा है क्या? 15 मार्च , 2020 को कैट ने इसी बाबत एक चिट्ठी इंडियन काउन्सिल ओफ़ मेडिकल रीसर्च (आईसीएमआर) के निदेशक डॉक्टर बलराम भार्गव को भेजकर यही सवाल किया था.



निराशा जताते हुए व्यापारी संगठन ने कहा कि 6 महीने बीत जाने के बाद भी इतने महत्वपूर्ण सवाल का जवाब नहीं मिला. यह सवाल न केवल देश के करोड़ों व्यापारियों से जुड़ा है बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से सरोकार वाला विषय है.
कई शोधों और अध्ययन रिपोर्ट में ये दावा किया गया है? कोरोना वायरस के मामले लगातार देश दुनियां में बढ़ते जा रहे है. एक तरफ इससे बचाव के लिए कारगर दवाइयों और वैक्सीन बनाने के लिए युद्ध स्तरीय कोशिशें हो रही वहीं दूसरी तरफ इसके रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे है. भारत सहित दुनियां के कई अध्ययन रिपोर्ट में ये बात सामने आ चुकी है कि करेन्सी नोटों के जरिए किसी भी प्रकार का संक्रमण तेज़ी से फैलता हैं.

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नोटों की सतह सूखी होने के कारण किसी भी प्रकार का वाइरस या बैक्ट्रिया लम्बे समय तक मौजूद रहते हैं. जैसा कि हम सभी जानते है कि करेंसी नोटों का लेन- देन बड़ी मात्रा में अनेक अनजान लोगों के बीच होता है तो इस कड़ी में कौन व्यक्ति किस रोग से पीड़ित है कोई नहीं जानता.

लिहाजा करेंसी नोटों के जरिए संक्रमण जल्दी होने की आशंका बढ़ जाती है . किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय-लखनऊ, जर्नल ऑफ़ करेंट माइक्रो बायोलोज़ी एंड ऐपलायड साइयन्स, इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ फ़ार्मा एंड बायो साइयन्स, इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ एडवॉन्स रीसर्च जैसे संस्थानों ने भी अपनी अध्ययन रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की है कि करेन्सी नोट के ज़रिए संक्रमण होता है.
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