लोन लेने वालों के लिए खुशखबरी, केनरा बैंक ने कर दिया बड़ा ऐलान, जानें अब किस रेट पर मिलेगा लोन?

लोन लेने वालों के लिए खुशखबरी

लोन लेने वालों के लिए खुशखबरी

केनरा बैंक (Canara Bank) अपने ग्राहकों के लिए खास ऑफर लेकर आया है, जिसमें सस्ता लोन (Cheap bank loan) दिया जा रहा है.

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नई दिल्ली: क्या आपको भी घर या गाड़ी खरीदना है...अगर ऐसा कुछ है तो अब आपको काफी सस्ते रेट्स में लोन मिल सकता है. केनरा बैंक (Canara Bank) अपने ग्राहकों के लिए खास ऑफर लेकर आया है, जिसमें सस्ता लोन (Cheap bank loan) दिया जा रहा है. बैंक ने ट्वीट करके इस बारे में जानकारी दी है. तो अब आप टेंशन फ्री होकर लोन ले सकते हैं और अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं.

बैंक ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडिल पर लिखा है कि वह इस समय मार्केट में सबसे कम दरों पर ब्याज दे रहा है.

इस लिंक पर क्लिक करके https://canarabankcsis.in/canaraila/newmain.aspx आप लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं.


7 जून से लागू हो गईं नई दरें

बैंक ने ट्विटर पर जानकारी दी है कि बैंक की ओर से 7.35 फीसदी (MCLR) के आधार पर लोन दिया जा रहा है. वहीं, 6.90 फीसदी (RLLR) की दर से लोन दिया जा रहा है. आपको बता दें बैंक की ये नई दरें 7 जून 2021 से लागू हो गई हैं.

किस तरह लोन के लिए कर सकते हैं अप्लाई-



>> इस https://canarabankcsis.in/canaraila/newmain.aspx लिंक पर क्लिक करें

>> इस लिंक पर क्लिक करने के बाद आप बैंक के ऑफिशियल पेज पर पहुंच जाएंगे.

>> इसके बाद में आपको जिस भी तरह का लोन लेना है उस पर क्लिक करना है.

>> यहां पर आपको तीन ऑप्शन दिए जाएंगे- होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन

>> यहां पर डिटेल्स फिल करने के बाद बैंक के प्रतिनिधि आपसे संपर्क कर लेंगे.

>> इसके साथ ही इस लिंक के जरिए आप बैंक ईएमआई के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं.

क्या होता है MCLR

आपको बता दें बैंकों द्वारा MCLR बढ़ाए या घटाए जाने का असर नए लोन लेने वालों के अलावा उन ग्राहकों पर पड़ता है, जिन्होंने अप्रैल 2016 के बाद लोन लिया हो. अप्रैल 2016 से पहले रिजर्व बैंक की ओर से लोन देने के लिए तय मिनिमम रेट बेस रेट कहलाती थी. यानी बैंक इससे कम दर पर कस्टमर्स को लोन नहीं दे सकते थे. 1 अप्रैल 2016 से बैंकिंग सिस्टम में MCLR लागू हो गया और यह लोन के लिए मिनिमम दर बन गई. यानी उसके बाद MCLR के आधार पर ही लोन दिया जाने लगा.

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बता दें एमसीएलआर होम लोन में रीसेट पीरियड 12 महीने का होता है जबकि कई बैंक 6 महीने का रीसेट पीरियड भी उपलब्ध कराते हैं. जब लोन की अवधि 6 महीने या 1 साल पूरी करती है बैंक के एमसीएलआर के हिसाब से EMI में बदलाव किए हैं.

आमतौर पर RBI हर 6 महीने में रेपो रेट पर निर्णय लेता है. इसलिए रेपो रेट में किसी भी तरह के बदलाव तुरंत असर होम लोन पर नहीं पड़ता है. टाइम लैग के कारण इन्हें 1 साल के लिए फिक्स लोन कहा जा सकता है.

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