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सावधान! अगर अब तोड़े कैश में लेन-देन से जुड़े ये 11 नियम, तो घर आएगा नोटिस

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Updated: December 1, 2019, 6:23 AM IST
सावधान! अगर अब तोड़े कैश में लेन-देन से जुड़े ये 11 नियम, तो घर आएगा नोटिस
1 नवंबर से 50 करोड़ रुपये से ज्यादा के टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक मोड से भुगतान करना जरूरी हो गया.

वित्त मंत्री ने संसद को बताया कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट बेहिसाबी नकद लेनदेन तथा अघोषित नकद जायदाद (होल्डिंग्स) के विरूद्ध जरूरी कार्रवाई करता है. सरकार ने हाल में कई सख्त कदम उठाए है. आइए जानें कैश लेन-देन से जुड़े 11 नियमों के बारे में...

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  • Last Updated: December 1, 2019, 6:23 AM IST
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नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister) ने पिछले हफ्ते कैश में लेन-देन (Cash Transaction Rules in India) से जुड़े कई सख्त नियमों के बारे में बताया है. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार (Government of India) देश में डिजिटल इकोनॉमी (Digital Economy) को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है. उन्होंने बताया कि 1 नवंबर से 50 करोड़ रुपये से ज्यादा के टर्नओवर वाले कारोबारियों (Businessman) के लिए इलेक्ट्रॉनिक मोड से भुगतान करना जरूरी हो गया है. इसीलिए आज हम आपको कैश में पैसों के लेन-देन से जुड़े सभी नियमों की जानकारी दे रहे है. आपको बता दें कि घर में कैश रखने की लिमिट तय नहीं है. लेकिन घर में रखे कैश का सोर्स बताना जरूरी होता है.

आइए जानें कैश में लेन-देन से जुड़े ऐसे ही 11 नियमों के बारे में...


वित्त मंत्री ने संसद को बताया कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट बेहिसाबी नकद लेनदेन तथा अघोषित नकद जायदाद (होल्डिंग्स) के विरूद्ध जरूरी कार्रवाई करता है. सरकार ने हाल में कई सख्त कदम उठाए है.

(1) कैश में लेन-देन करने से अब क्या होगा- अगर अब कोई आपको लोन की रकम बैंक सीधे अकाउंट में ही भेजता है तो यह सीमा 20 हजार रुपये है. वहीं, 20,000 रुपये से ज्यादा कैश लोन लिया तो 100 फीसदी पेनाल्टी देनी होगी. कैश में डोनेशन दे रहे हैं तो सिर्फ 2000 रुपए तक दें. 2000 रुपए से ज्यादा कैश दान दिया तो 80G में छूट नहीं मिलेगी. इनकम टैक्स में 80G के तहत डोनेशन पर छूट मिलती है.

(2) कैश घर में रखने की लिमिट क्या है-टैक्स एक्सपर्ट्स बताते हैं कि घर में कैश रखने को लेकर अभी तक कोई लिमिट तय नहीं की गई है. हालांकि, घर में रखे कैश का सोर्स बताना अब जरूरी है. अगर कोई इसकी जानकारी नहीं दे पाता है तो ऐसे में उसे 137% तक पेनाल्टी देनी पड़ती है.

(3) बैंक से कैश निकालने और जमा करने के नियम क्या हैं- टैक्स एक्सपर्ट गौरी चड्ढा बताती हैं है कि बैंक में सेविंग खाते को लेकर कुछ नियम तय किए गए हैं. एक बार में 2 लाख रुपये या उससे ज्यादा जमा किया या सेविंग अकाउंट में 50,000 रुपए से ज्यादा कैश जमा कर रहे हैं तो ऐसे में आपको पैन कार्ड नंबर देना जरूरी है. कैश में पे-ऑर्डर या डिमांड ड्राफ्ट भी बनवा रहे हैं तो पे ऑर्डर-DD के मामले में भी पैन नंबर देना होगा.
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(4) इन मामलों में अब डिजिटल पेमेंट जरूरी- सरकार ने 1 नवंबर 2019 से बड़ा बदलाव किया है. यह नया नियम 50 करोड़ रुपये से ज्यादा के टर्नओवर वाले कारोबारियों के ऊपर ही लागू होगा. नए नियम में कारोबारियों को इलेक्ट्रॉनिक मोड से भुगतान लेने पर अब कोई भी शुल्क या चार्ज नहीं देना होगा.



(5) अगर किसी को कैश में पेमेंट किया तो क्या होगा- कैश में पेमेंट करने की सीमा भी तय है. आपके अपने निजी खर्च-कारोबारी खर्च के लिए नियम भी तय है. निजी खर्च के लिए 2 लाख रुपये तक कैश भुगतान होता है. वहीं, बिजनेस के लिए 10,000 रुपये तक कैश लिमिट तय है.

(6) शादी में कैश के खर्च को लेकर भी आ चुके हैं नियम- टैक्स एक्सपर्ट गौरी चड्ढ़ा बताती हैं कि शादी में कैश खर्च करने पर कोई लिमिट नहीं है. शादी में रकम के इस्तेमाल को लेकर नियम हैं. 2 लाख रुपये से ज्यादा एक व्यक्ति से खरीदारी की है तो ऐसे में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास आपका नाम जाएगा. ऐसे में जरूरत पड़ने पर विभाग सोर्स पूछ सकता है. अगर आप सही जवाब नहीं दे पाए तो 78% टैक्स और ब्याज लगेगा.

(7) प्रॉपर्टी बेचने पर मिलने वाले कैश के नियम क्या है- टैक्स एक्सपर्ट्स के बताते हैं कि प्रॉपर्टी को सेल करने पर कैश लेने की सीमा तय हो चुकी है. मतलब आप सिर्फ 20,000 रुपये कैश का लेन-देन कर सकते हैं. अब 20,000 रुपये से ज्यादा कैश लेने पर 100 फीसदी पेनाल्टी देनी होगी.

(8) कैश निकालने पर लगेगा टैक्स- एक साल में एक बैंक अकाउंट से 1 करोड़ रुपये से अधिक राशि निकालने पर अब 2 फीसदी टीडीएस लगेगा. इससे पहले की गई नकद निकासी पर टीडीएस नहीं काटा जाएगा, मगर पहले निकाले हुए पैसों को भी निकासी में शामिल किया जाएगा. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में 31 अगस्त, 2019 तक जो लोग पहले ही एक करोड़ रुपये की नकद निकासी कर चुके हैं, उनकी इसके बाद की सभी निकासी पर दो प्रतिशत का टीडीएस लिया जाएगा.



(9) दान की सीमा तय- धर्मार्थ संगठनों को दिए जाने वाले नकद दान की सीमा को 10 हजार से घटाकर 2000 रुपये कर दिया गया है.

(10) लोन की सीमा तय-अगर कोई आपको लोन की रकम बैंक सीधे अकाउंट में ही भेजता है तो यह सीमा 20 हजार रुपये है. वहीं, 20,000 रुपये से ज्यादा कैश लोन लिया तो 100 फीसदी पेनल्टी देनी होगी.

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(11) राजनीतिक दलों को चंदा देने की रकम- राजनीतिक दलों को दिए जाने वाले चंदे की रकम में पारदर्शिता लाने के लिए मोदी सरकार ने सेक्शन 13A के प्रावधानों में भी सुधार किया गया है.इसके हिसाब से 2000 रुपये से अधिक की रकम बैंक चेक या ड्राफ्ट के माध्यम से ही दी जानी चाहिए. अगर कोई व्यक्ति चाहे तो इसे ECS के माध्यम से भी दे सकता है. इसके साथ ही लोगों को चुनावी बांड के विकल्प भी उपलब्ध कराए गए हैं.

इससे अधिक की राशि का कोई दान एक बैंक पर देय खाता धारक चेक अथवा खाता धारक बैंक ड्राफ्ट अथवा एक बैंक खाते के जरिए इलैक्ट्रॉनिक क्लियेरिंग सिस्टम अथवा इलैक्टोरल बांड के जरिए को छोड़कर अन्यथा प्राप्त नहीं किया जाएगा.

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First published: December 1, 2019, 6:23 AM IST
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