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CBDT प्रमुख ने कहा- फेसलेस असेसमेंट लागू होने पर इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट की सुविधाओं में नहीं होगी कोई कटौती

इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट कमर्शियल बैंकों के साथ टैक्‍सपेयर्स की जानकारी साझा कर सकते हैं.

फेसलेस असेसमेंट स्‍कीम (Faceless Assessment Scheme) शुरू होने की घोषणा के बाद आयकर कर्मचारी महासंघ और आयकर राजपत्रित अधिकारी (Income Tax Gazetted Officers) संघ ने सीबीडीटी प्रमुख को पत्र लिखकर अपनी चिंताएं जताई थीं. इस पर सीबीडीटी प्रमुख (CBDT Chief) ने वर्चुअल मीटिंग कर उन्‍हें भरोसा दिलाया कि इससे विभाग के मौजूदा संसाधनों पर कोई असर नहीं होगा.

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    नई दिल्ली. करदाताओं की सुविधा के लिये शुरू की गई नई फेसलेस असेसमेंट स्‍कीम (Faceless Assessment Scheme) को लेकर इनकम टैक्‍स अधिकारियों की चिंताओं को दूर करने की पहल करते हुये केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के चेयरमैन पीसी मोदी ने क्षेत्रीय अधिकारियों (Regional Officers) के साथ बैठक की. मोदी ने उनके साथ नई योजना के क्रियान्वयन की बारीकियों पर बात की. इस वर्चुअल बैठक में मोदी ने मंगलवार को टैक्‍स अधिकारियों को फेसलेस असेसमेंट और टैक्‍सपेयर्स चार्टर (Taxpayers' Charter) के बारे में विस्‍तार से जानकारी दी. उन्‍होंने अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि योजना के लागू होने से उनकी मौजूदा सुविधाओं में कोई कटौती नहीं की जाएगी.

    मोदी ने कहा, अधिकारियों को इधर-उधर भेजने की नहीं होगी जरूरत
    मोदी ने इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट के कर्मचारियों को नये सिरे से काम बांटने और उसका पुनर्गठन करने के पहलुओं के बारे में भी चर्चा की. सूत्र के मुताबिक, उन्होंने अधिकारियों के संदेहों को दूर करते हुये कहा कि यह काम मौजूदा कर्मचारियों के साथ ही मौजूदा स्थानों पर ही किया जाएगा. दरअसल, फेसलेस असेसमेंट स्‍कीम की राष्ट्रीय स्तर पर शुरुआत की घोषणा को लेकर तमाम संदेहों को दूर करने के लिए ये बैठक की गई थी. सूत्रों के मुताबिक, मोदी ने कहा कि इस योजना के लागू होने से अधिकारियों को बड़े पैमाने पर इधर-उधर भेजने की जरूरत नहीं होगी और न ही विभाग की मौजूदा सुविधाओं व संसाधनों में किसी प्रकार की कटौती की जाएगी.

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    ये थी इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट के कर्मचारियों और अधिकारियों की चिंताएं
    बैठक से पहले आयकर कर्मचारी महासंघ और आयकर राजपत्रित अधिकारी (Income Tax Gazetted Officers) संघ ने मोदी को पत्र लिखकर अपनी चिंताएं जाहिर की थीं. इसके बाद यह बैठक बुलाई गई. दोनों संघ ने पत्र में कहा था कि सीबीडीटी ने तेजी से सभी क्षेत्रीय कार्यालयों से नवगठित नेशनल ई-असेसमेंट सेंटर (NEAC) और रीजनल ई-असेसमेंट सेंटर्स (REAC) के प्रभारों को लेकर पदों में बदलाव के बारे में सुझाव मांगे हैं. इससे उनकी चिंता बढ़ गई है. संघों का मानना है कि अगर इस योजना को पूरी तरह से लागू कर दिया गया तो आयकर विभाग के कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा सकता है.

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    सीबीडीटी ने तय कर दी थीं योजना लागू करने में अफसरों की भूमिका
    सीबीडीटी ने पिछले सप्ताह इस संबंध में दिशानिर्देश जारी किए थे, जिसमें फेसलेस ई-असेसमेंट को लागू करने में अधिकारियों की भूमिका तय कर दी गई थी. साथ ही इसे लागू करने के लिए दिल्ली में एनईएसी और 20 शहरों में आरईएसी को अधिसूचित किया गया था. सीबीडीटी ने कहा था कि एनईएसी और आरईएसी को फेसलेस असेसमेंट प्रोसेस के प्रबंधन का काम दिया जाएगा. इसमें सभी कामकाज इलेक्‍ट्रॉनिक सिस्‍टम के तहत होंगे. एनईएसी ही इसमें सभी प्रकार के कामकाज और सूचनाओं के लिए जिम्‍मेदार होगा. यहां तक कि आरईएसी को सर्वे (छापेमारी) का अधिकार भी नहीं होगा.

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