• Home
  • »
  • News
  • »
  • business
  • »
  • Taxpayers के लिए अच्‍छी खबर! CBDT ने टैक्‍स विवाद को निपटाने के लिए बनाए 3 BAR, अब जल्‍द सुलझेंगे मामले

Taxpayers के लिए अच्‍छी खबर! CBDT ने टैक्‍स विवाद को निपटाने के लिए बनाए 3 BAR, अब जल्‍द सुलझेंगे मामले

CBDT के मुताबिक, AAR की जगह BAR आने के बाद टैक्‍स से जुड़े मामलों का निस्‍तारण तेजी से होगा.

CBDT के मुताबिक, AAR की जगह BAR आने के बाद टैक्‍स से जुड़े मामलों का निस्‍तारण तेजी से होगा.

केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड CBDT() के लिए आयकर से जुड़ी मुकदमेबाजी को कम करना और पिछले विवादों (Income Tax Disputes) को निपटाना प्राथमिकता बन चुकी है. सरकार ने अदालतों में कर विभाग की ओर से अपील दायर करने के लिए मौद्रिक सीमा बढ़ा दी थी. साथ ही विवाद समाधान योजना भी शुरू की थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:

    नई दिल्‍ली. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्‍ट टैक्‍सेस (CBDT) ने लेनदेन के आधार पर लागू होने वाले टैक्‍स में स्‍पष्‍टता और विवादों से बचने के लिए तीन बोर्ड्स फॉर एडवांस रूलिंग (BAR) का गठन किया है. सीबीडीटी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, 1 सितंबर 2021 से तीनों बोर्ड्स फॉर एडवांस रूलिंग के प्रावधान 1993 में गठित अथॉरिटी फॉर एडवांस रूलिंग (AAR) की जगह ले लेंगे. बोर्ड ने अलग से जारी किए एक आदेश में कहा है कि इनमें से 2 बोर्ड्स दिल्‍ली (Delhi) में, जबकि एक मुंबई (Mumbai) में होगा. सीबीडीटी के मुताबिक, एएआर की जगह लेने वाले बीएआर आयकर से जुड़े मामलों का तेजी से निस्‍तारण करेंगे.

    BAR के आदेश के खिलाफ कहां कर सकते हैं अपील
    सीबीडीटी के मुताबिक, करदाता (Taxpayers) बीएआर के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट (High Courts) में याचिका दायर कर सकता है. एडवांस रूलिंग लेनदेन या प्रस्तावित लेनदेन के टैक्‍स परिणामों पर राय हासिल करने का तरीका है, जो करदाताओं को स्पष्टता प्रदान करता है और विवादों को कम करने में मदद करता है. बता दें कि वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में बीएआर के गठन का ऐलान किया था. इसका उद्देश्‍य एडवांस रूलिंग के प्रभाव को बढ़ाना है. मुख्‍य आयुक्‍त या इससे ऊपर की रैंक के दो अधिकारी इन बोर्ड के सदस्‍य होंगे.

    ये भी पढ़ें- अगर किसी बैंक में नहीं है अकाउंट तो भी मिलेगी लॉकर की सुविधा, RBI ने नियमों में किया बदलाव

    मुकदमेबाजी को कम करना चाहता है सीबीडीटी
    केंद्र सरकार इन बोर्ड और आवेदकों के बीच तकनीकी तौर पर व्‍यवहारिक सीमा तक इंटरफेस को खत्म करना चाहती है. केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड के लिए आयकर से जुड़ी मुकदमेबाजी को कम करना और पिछले विवादों को निपटाना प्राथमिकता बन चुकी है. सरकार पहले ही अदालतों में कर विभाग की ओर से अपील दायर करने के लिए मौद्रिक सीमा बढ़ा चुकी है. साथ ही विवाद समाधान योजना (Dispute Resolution Scheme) भी शुरू की थी. केंद्र ने इस योजना को ‘विवाद से विश्‍वास’ (Vivad se Vishwas) नाम दिया है. सरकार ने बजट में छोटे कर विवादों को एक अंतरिम बोर्ड के जरिये निपटाने के लिए एक नई योजना का ऐलान भी किया था.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज