नोटबंदी के बाद 300% फीसदी ज्यादा बने पैनकार्ड

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने बताया कि नोटबंदी के बाद स्थायी खाता संख्या (पैनकार्ड) के आवेदनों में 300% का इजाफा आया है.

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Updated: November 15, 2017, 7:57 AM IST
नोटबंदी के बाद 300% फीसदी ज्यादा बने पैनकार्ड
नोटबंदी के बाद 300% फीसदी ज्यादा बने पैनकार्ड. (फाइल फोटो)
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Updated: November 15, 2017, 7:57 AM IST
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने बताया कि नोटबंदी के बाद स्थायी खाता संख्या (पैनकार्ड) के आवेदनों में 300% का इजाफा आया है. बोर्ड के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा कि नोटबंदी से पहले हर महीने करीब 2.5 लाख पैनकार्ड आवेदन आते थे. लेकिन सरकार के नोटबंदी के आदेश के बाद यह संख्या बढ़कर 7.5 लाख हो गई.

उल्लेखनीय है कि सरकार ने पिछले साल 8 नवंबर को 500 और 1,000 रुपये पुराने नोटों को बंद कर दिया था. चंद्रा ने कहा कि कालेधन के खिलाफ विभाग कई कदम उठा रहा है. इनमें दो लाख रुपये से अधिक के नकद लेनदेन पर रोक लगाना भी शामिल है.

पैन 10 अंक की एक अक्षर-अंक संख्या (अल्फान्यूमैरिक) होती है जो आयकर विभाग किसी व्यक्ति या कंपनी को जारी करता है. इसका उपयोग आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए अनिवार्य है. अभी देश में करीब 33 करोड़ पैनकार्ड धारक हैं.
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