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CBDT का बड़ा फैसला! 1.5 करोड़ Taxpayers की जानकारी साझा करेंगे आयकर विभाग और Banks

इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट कमर्शियल बैंकों के साथ टैक्‍सपेयर्स की जानकारी साझा कर सकते हैं.

इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट कमर्शियल बैंकों के साथ टैक्‍सपेयर्स की जानकारी साझा कर सकते हैं.

पर्सनल इनकम टैक्‍स (Personal Income Tax) और कॉरपोरेट टैक्‍स (Corporate Tax) की शीर्ष संस्‍था केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने कहा कि आयकर कानून की धारा-138 के तहत इनकम टैक्‍स अथॉरिटीज (Income Tax Authorities) को करदाताओं (Taxpayers) की जानकारी एजेंसियों के साथ साझा करने का अधिकार देती है.

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    नई दिल्‍ली. केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने कहा है कि इनकम टैक्‍स अथॉरिटीज कमर्शियल बैंकों (Commercial Banks) के साथ जानकारी साझा कर सकते हैं. इससे कर्जदाताओं (Lenders) को ग्राहकों के विभिन्‍न भुगतानों पर टीडीएस (TDS) कटौती को लेकर फैसला करने में आसानी होगी. सीबीडीटी ने 31 अगस्‍त को जारी अधिसूचना में कहा कि आयकर कानून (Income Tax Act) की धारा-138 के तहत रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक्‍ट, 1934 की दूसरी सूची (Second Schedule) में शामिल कमर्शियल बैंकों के साथ इनकम टैक्‍स अथॉरिटीज देश केे1.5 करोड़ करदाताओं की जानकारी साझा कर सकते हैं.

    आयकर कानून की धारा-138 के तहत साझा की जा सकती है जानकारी
    पर्सनल इनकम टैक्‍स (Personal Income Tax) और कॉरपोरेट टैक्‍स (Corporate Tax) की शीर्ष संस्‍था सीबीडीटी ने कहा कि आयकर कानून की धारा-138 के तहत इनकम टैक्‍स अथॉरिटीज (Income Tax Authorities) को करदाताओं (Taxpayers) की जानकारी एजेंसियों के साथ साझा करने का अधिकार देती है. नांगिया एंडरसन एलएलपी के पार्टनर संदीप झुनझुनवाला ने कहा कि सीबीडीटी ने कमर्शियल बैंकों को भी एजेंसियों की उस सूची में शामिल कर दिया है, जिनके साथ करदाताओं का ब्‍योरा साझा किया जा सकता है.

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    खत्‍म होंगी प्रशासनिक दिक्‍कतें, TDS कटौती में भी होगी आसानी
    झुनझुनवाला ने कहा कि कमर्शियल बैंकों को सूची में शामिल करने से देश के बैंकिंग सेक्‍टर (Banking Sector) की कई प्रशासनिक दिक्‍कतें (Administrative Hassels) खत्‍म हो जाएंगी. अब वे टैक्‍सपेयर्स की ओर से इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट को मुहैया कराई जाने वाली सभी जानकारियां हासिल कर सकेंगे. इनकम टैक्‍स अथॉरिटीज को जानकारी साझा करने की मंजूरी आयकर कानून के तहत मिली है. इससे कर्जदाताओं (Lenders) को अपने उपभोक्‍ताओं के विभिन्‍न भुगतानों पर टीडीएस (TDS) कटौती को लेकर फैसला करने में आसानी होगी.

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    बैंकों को फॉर्म-15G और 15H की जांच करने में होगी सहूलियत
    सीबीडीटी के इस फैसले से कमर्शियल बैंकों को धारा-194N के तहत टीडीएस जैसे मामलों में काफी मदद मिलेगी. दरअसल, इससे जुड़े मामलों में इनकम टैक्‍स से संबंधित कई जानकारियों की जरूरत होती है. झुनझुनवाला ने बताया कि इसमें निकासी को लेकर उपभोक्‍ता का डिक्‍लेरेशन भी जरूरी होता है. साथ ही उन्‍होंने कहा कि इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट से जानकारी लेकर कमर्शियल बैंकों को उपभोक्‍ताओं की ओर से जमा कराए जाने वाले फॉर्म-15G और 15H की जांच करने में भी काफी सहूलियत हो जाएगी. बैंक उपभोक्‍ताओं के टैक्‍स रिटर्न से इन फॉर्म का मिलान कर सकते हैं.

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