रोटोमैक केस: बैंक ऑफ बड़ौदा के 6 पूर्व अधिकारियों से CBI की पूछताछ

रोटोमैक फ्राड मामले में सीबीआई ने बैंक ऑफ बड़ौदा के 6 पूर्व अधिकारियों से पूछताछ की है.

News18Hindi
Updated: April 17, 2018, 6:20 PM IST
रोटोमैक केस: बैंक ऑफ बड़ौदा के 6 पूर्व अधिकारियों से CBI की पूछताछ
रोटोमैक फ्राड मामले में सीबीआई ने बैंक ऑफ बड़ौदा के 6 पूर्व अधिकारियों से पूछताछ की है.
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Updated: April 17, 2018, 6:20 PM IST
रोटोमैक फ्रॉड मामले में सीबीआई ने बैंक ऑफ बड़ौदा के 6 पूर्व अधिकारियों से पूछताछ की है. सीबीआई ने जिन अधिकारियों से पूछताछ की है उनमें बैंक के पूर्व सीएमडी एम डी माल्या और दो पूर्व एग्जीक्युटिव डायरेक्टर वी शांतारमण और आर के बख्शी का भी नाम शामिल है. सीबीआई ने इस मामले में तीन प्राइवेट कंपनियों के निदेशकों के खिलाफ भी केस दर्ज किया है. इस मामले में सीबीआई ने सूर्या फार्माक्युटिकल्स लिमिटेड, नींबूज एफजेडई और कोबिन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई की है. इन कंपनियों पर पांच बैंको से 621 करोड़ की धोखाधड़ी करने का आरोप है.

रोटोमैक ने लगाया बैंकों को 3700 करोड़ का चूना
रोटोमैक के मालिक विक्रम कोठारी पर बैंकों पर 800 करोड़ नहीं बल्कि करीब 3700 करोड़ रुपये बकाया हैं. सीबीआई ने बताया कि कोठारी ने बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज़ बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक और ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स से कुल 2919 करोड़ रुपये कर्ज ले रखे थे, जो अब ब्याज मिला कर कुल 3695 करोड़ हो गया है.

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अब तक क्या हुआ
रोटोमैक के मालिक ने बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत कई अन्य बैंकों से लोन लिया था. 20 फरवरी को सीबीआई ने रोटोमैक कंपनी मालिक विक्रम कोठारी के घर और ऑफिस में छापेमारी की थी. जिसके बाद एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने विक्रम कोठारी के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग का केस भी दर्ज किया था. सीबीआई ने रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड, इसके डायरेक्टर विक्रम कोठारी, साधना कोठारी, राहुल कोठारी और अज्ञात बैंक अधिकारियों के खिलाफ बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर केस दर्ज किया है.

इसके बाद नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की इलाहाबाद बेंच (एनसीएलटी) ने रोटोमैक ग्लोबल और रोटोमैक एक्सपोर्ट को नीलाम करने का आदेश दिया. ट्रिब्यूनल ने अनिल गोयल को लिक्विडेटर नियुक्त करते हुए तीस दिनों में नीलामी की कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है. लिक्विडेटर को कर्मचारी यूनियन समेत सभी स्टेक होल्डर्स से बात करने और इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अधिकृत किया गया है.
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