ICICI बैंक लोन मामला: चंदा कोचर के खिलाफ FIR दर्ज, CBI ने बनाया आरोपी

CBI ने ICICI बैंक की पूर्व एमडी एवं सीईओ चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन ग्रुप के एमडी वेणुगोपाल धूत के खिलाफ FIR दर्ज किया है.

News18Hindi
Updated: January 24, 2019, 4:21 PM IST
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CBI ने ICICI बैंक की पूर्व एमडी एवं सीईओ चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन ग्रुप के एमडी वेणुगोपाल धूत के खिलाफ FIR दर्ज किया है. सीबीआई का आरोप है कि चंदा कोचर ने आपराधिक षडयंत्र के तहत एक प्राइवेट कंपनी का लोन मंजूर किया, जबकि अन्य आरोपियों पर आईसीआईसीआई बैंक से धोखाधड़ी करने का आरोप है.

इससे पहले, CBI ने गुरुवार सुबह वीडियोकान, न्यूपावर के ऑफिसेस में छापेमारी भी की है. छापेमारी मुंबई और औरंगाबाद समेत 4 जगहों पर हुई है. आपको बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में वीडियोकॉन समूह को लोन दिए जाने के मामले में आरोपों का सामना कर रही चंदा कोचर ने  आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ, प्रबंध निदेशक और बैंक के सब्सिडिअरी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर के पद को छोड़ दिया था.

सीबीआई की छापेमारी- वीडियोकॉन के दफ्तर में छापेमारी जारी है. मुंबई के नरीमनपॉइंट दफ्तर समेत 4 जगहो पर सीबीआई की छापेमारी चल रही है. इस मामले में चंदा और उनके पति के शामिल होने की आशंका की लंबे समय से जांच हो रही है.

क्या है मामला-चंदा कोचर पर मार्च 2018 में अपने पति को आर्थिक फ़ायदा पहुंचाने के लिए अपने पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था. मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकोन समूह को 3,250 करोड़ रुपये का लोन मुहैया कराया था. (ये भी पढ़ें-रेलवे की बड़ी सौगात, IRCTC पर ट्रेन टिकट के साथ बुक करें साईंबाबा के दर्शन टिकट भी)

वीडियोकॉन ग्रुप की पांच कंपनियों को आईसीआईसीआई बैंक ने अप्रैल 2012 में 3250 करोड़ रुपये का लोन दिया. ग्रुप ने इस लोन में से 86% यानी 2810 करोड़ रुपये नहीं चुकाए. 2017 में इस लोन को एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग असेट्स) में डाल दिया गया.मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीडियोकॉन समूह के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत के कोचर के पति दीपक कोचर के साथ व्यापारिक संबंध थे. (ये भी पढ़ें-रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! ट्रेन लेट है या टाइम पर अब आपको मिलेगी सटीक जानकारी)

वीडियोकॉन ग्रुप की मदद से बनी एक कंपनी बाद में चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की अगुवाई वाली पिनैकल एनर्जी ट्रस्ट के नाम कर दी गई. यह आरोप लगाया गया कि धूत ने दीपक कोचर की सह स्वामित्व वाली इसी कंपनी के ज़रिए लोन का एक बड़ा हिस्सा स्थानांतरित किया था. आरोप है कि 94.99 फ़ीसदी होल्डिंग वाले ये शेयर्स महज 9 लाख रुपये में ट्रांसफ़र कर दिए गए.(ये भी पढ़ें-अब बिना बताए काटी बिजली, तो कंपनी ग्राहकों को देगी हर घंटे के हिसाब से पैसे)

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First published: January 24, 2019, 11:22 AM IST
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