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आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में CBIC ने दीपक पंडित को किया संस्पेंड

News18Hindi
Updated: November 27, 2019, 10:47 AM IST
आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में CBIC ने दीपक पंडित को किया संस्पेंड
CBIC ने असिस्टेंट कमिश्नर दीपक पंडित (Deepak Pandit) को निलंबित कर दिया है.

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम्स (CBIC) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले को लेकर सख्त कदम उठाते हुए असिस्टेंट कमिश्नर दीपक पंडित (Deepak Pandit) को निलंबित कर दिया है.

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  • Last Updated: November 27, 2019, 10:47 AM IST
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नई दिल्ली. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम्स (CBIC-Central Board of Indirect Taxes and Customs) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में सख्त कदम उठाते हुए असिस्टेंट कमिश्नर दीपक पंडित (Deepak Pandit) को निलंबित कर दिया है. न्यूज एजेंसी एएनआई ने वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया कि दीपक पंडित ने अपने 2 बेटों की शादी में भारी मात्रा में पैसा खर्च किया और मुंबई के पॉश इलाकों में महंगी बेहिसाब पॉपर्टी बनाई है. आपको बता दें कि इससे पहले मंगलवार को सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए 21 टैक्स अधिकारियों को जबरन रिटायर करने का फैसला किया. ये सभी अधिकारी ग्रुप बी ग्रेड के हैं. इसी के साथ इस साल अब तक 85 अधिकारियों को जबरन रिटायर किया गया है. इसमें से 64 टैक्स अधिकारी हैं.

दीपक पंडित पर अपने पद की पावर का गलत इस्तेमाल करने का भी आरोप लगा है. मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी पावर का गलत इस्तेमाल कर पैसा कमाया है. उनके खिलाफ की गई शुरुआती जांच में पाया गया कि मुंबई के महंगे रिहायशी इलाके जैसे अंधेरी (वेस्ट), कांदिवली (ईस्ट),  में उनके और उनके बच्चों दिव्यांश दीपक पंडित, आशुतोष डी पंडित के नाम पर कई महंगी प्रॉपर्टी है. इसके अलावा उनके नाम पर कई संदेहात्मक ट्रांजेक्शन मिली है.

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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) ने मंगलवार को भ्रष्टाचार के आरोपित टैक्स अधिकारियों को 21 को जबरन रिटायर (Compulsory Retirement) करने का फैसला लिया था. ये सभी अफसर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) के हैं.

इस साल जून के बाद यह पांचवां मौका है जब सरकार ने भ्रष्ट अधिकारियों (Corrupt Government Officers) के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी (Compulsory Retirement) से निकाला है.

इस साल अब तक 85 अधिकारियों को जबरन रिटायर किया जा चुका है. इससे सरकार ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार और अक्षमता के खिलाफ उसकी कार्रवाई जारी रहेगी.

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First published: November 27, 2019, 10:12 AM IST
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