टाटा मोटर्स पर लगे गंभीर आरोप, CCI ने दिए जांच के आदेश, जानिए क्या है पूरा मामला

टाटा के खिलाफ जांच के आदेश

टाटा के खिलाफ जांच के आदेश

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने टाटा मोटर्स के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं. कंपनी पर बाजार में अपनी मोनोपोली का गलत फायदा उठाने के आरोप लगे हैं. इसे देखते हुए टाटा मोटर्स के खिलाफ डीलरशिप समझौतों में बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का कथित दुरूपयोग करने के आरोप के जांच के आदेश दिए गए हैं.

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मुंबई. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने टाटा मोटर्स के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं. कंपनी पर बाजार में अपनी मोनोपोली का गलत फायदा उठाने के आरोप लगे हैं. इसे देखते हुए टाटा मोटर्स के खिलाफ डीलरशिप समझौतों में बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का कथित दुरूपयोग करने के आरोप के जांच के आदेश दिए गए हैं.

कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने अपने 45 पेज के ऑर्डर में कहा, CCI ने पाया कि टाटा मोटर्स पर बाजार में मजबूत स्थिति का लाभ उठाते हुए कमर्शियल व्हीकल्स के लिए डीलरशिप समझौते में अनुचित नियम और शर्तें थोपीं, जो प्रतिस्पर्धा कानून की धारा 4 के प्रवाधानों का उल्लंघन है.

टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज और टाटा मोटर्स फाइनेंस पर जांच में

इस मामले में टाटा मोटर्स, टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड और टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड के खिलाफ दो शिकायतों पर गौर करते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं. CCI ने अपनी जांच इकाई महानिदेशक (DG) को इस मामले में विस्तार से जांच करने को कहा है.
दरअसल, टाटा मोटर्स के 2 डीलरों ने CCI के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि कंपनी उन पर गाड़ियों की मात्रा और किसी खास टाइप ऑफ व्हीकल्स को स्टॉक करने का दबाव बना रही है और उन्हें ऐसा करने पर मजबूर कर रही है.

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साथ ही उन्हें किसी नए बिजनेस को शुरू करने, अधिग्रहण करने या किसी नए प्रोडक्ट को बेचने से रोक रही है, भले ही उसका संबंध ऑटोमोबाइल बिजनेस से नहीं हो.



टाटा ने किसी तरह की गलती से इनकार किया

CCI ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया कंपनी ने बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति का अनुचित फायदा उठाते हुए डीलर्स पर दबाव बनाया जो गलत है. आयोग ने इस मामले की जांच DG को सौंप दिया है. हालांकि, इस संबंध में टाटा मोटर्स ने किसी भी गलती से इनकार किया है.

कंपनी ने कहा कि CCI की जो फाइडिंग्स हैं, वो फाइनल नहीं है. आपको बता दें कि देश के कमर्शियल व्हीकल्स सेगमेंट में टाटा मोटर्स की 40% से अधिक हिस्सेदारी है.

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