रेलवे स्टेशनों पर महिलाओं की सुरक्षा हुई और चाक चौबंद, 10 जोन में निगरानी नियंत्रण कक्ष का काम हुआ पूरा

मार्च 2022 तक सभी 756 स्टेशनों में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है

मार्च 2022 तक सभी 756 स्टेशनों में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है

सीसीटीवी के वीडियो फीड की निगरानी का काम तीन स्तर पर होगा. जानकारी के अनुसार रेलवे के बाकी के 6 जोन में भी काम जल्द शुरू किया जाएगा, जिसके लिए मार्च 2022 तक सभी 756 स्टेशनों में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

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नई दिल्‍ली. भारतीय रेलवे ने महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए सुरक्षा व्यवस्था ज्‍यादा चाक चौबंद कर दी है. दरअसल, रेलटेल ने 10 रेलवे जोनों में आईपी आधारित वीडियो निगरानी के लिए केंद्रीकृत सुरक्षा का नियंत्रण कक्ष के काम को पूरा कर लिया है. फिलहाल 269 रेलवे स्टेशनों में आईपी आधारित वीडियो निगरानी केंद्र की व्यवस्था की जा चुकी है. बता दें कि निर्भया फंड के इस्तेमाल से व्यवस्था दुरूस्त की जा रही है, जिसके तहत 31 और स्टेशनों में भी काम जल्द पूरा किया जाएगा. रेलटेल ने 456 स्टेशनों पर इस काम के लिए टेंडर जारी किया है. सीसीटीवी कैमरों को ऑप्टिकल केबल के माध्यम से नेटवर्क किया जा रहा है. सीसीटीवी के वीडियो फीड को आरपीएफ और डिविजनल व जोनल पर केंद्रीकृत सीसीटीवी केंद्रीय कक्ष से जोड़ा गया है. 


तीन स्तर पर होगी निगरानी

जानकारी के अनुसार, सीसीटीवी के वीडियो फीड की निगरानी का काम तीन स्तर पर होगा. रेलवे के बाकी के 6 जोन में भी काम जल्द शुरू किया जायेगा, जिसके लिए अगले साल मार्च 2022 तक सभी 756 स्टेशनों में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. सुरक्षा पुख्ता करने के लिए चार तरह के सीसीटीवी कैमरे-डोम टाइप, पैन टिल्ट, जूम टाइप और अल्ट्रा एचडी 4के लगाए गए हैं.


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रेलवे ने अब तक देश में पहुंचाई 21939 टन 'संजीवनी'

देश इस वक्त कोरोना वायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर से जूझ रहा है. कोरोना के खिलाफ जंग में रेलवे (Railways) भी अपनी अहम भूमिका निभा रहा है, जिसके तहत उसने अब तक 15 राज्यों को 1304 से ज्यादा टैंकरों के जरिए 21,939 मीट्रिक टन से ज्यादा लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन यानी एलएमओ (Liquid Medical Oxygen) उपलब्ध कराई है. अब तक दिल्‍ली-एनसीआर को सबसे ज्‍यादा 7500 मीट्रिक टन ऑक्‍सीजन उपलब्‍ध कराई जा चुकी है. रेलवे ने बताया कि 46 टैंकरों में 827 मीट्रिक टन से अधिक लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन के साथ 11 एक्‍सप्रेस ट्रेनें इस समय अपने-अपने गंतव्य की ओर जा रही हैं.

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