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केंद्र का देश के 13 एयरपोर्ट का मार्च तक प्राइवेटाइजेशन का लक्ष्य, एविएशन मिनिस्ट्री को भेजी गई लिस्ट

केंद्र का देश के 13 एयरपोर्ट का मार्च तक प्राइवेटाइजेशन का लक्ष्य, एविएशन मिनिस्ट्री को भेजी गई लिस्ट

भारत ने ब्रिटेन के जवाब में सख्त नियम लागू किए थे. (सांकेतिक तस्वीर)

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केंद्र सरकार की योजना इस वित्तीय वर्ष के अंत तक राज्य के स्वामित्व वाले Airports Authority of Indi (एएआई, AAI) ) द्वारा संचालित 13 हवाई अड्डों के निजीकरण की प्रक्रिया को पूरा करने की है. इनकी पीपीपी (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) मॉडल पर बोली लगाई जानी है. योजना इस वित्तीय वर्ष के अंत तक इन हवाई अड्डों की बोली को पूरा करने की है.

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    नई दिल्ली . केंद्र सरकार की योजना इस वित्तीय वर्ष के अंत तक राज्य के स्वामित्व वाले Airports Authority of Indi (एएआई, AAI) ) द्वारा संचालित 13 हवाई अड्डों के निजीकरण की प्रक्रिया को पूरा करने की है. AAI के अध्यक्ष संजीव कुमार ने कहा, “हमने विमानन मंत्रालय को 13 हवाई अड्डों की सूची भेजी है, जिनकी पीपीपी (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) मॉडल पर बोली लगाई जानी है. योजना इस वित्तीय वर्ष के अंत तक इन हवाई अड्डों की बोली को पूरा करने की है.

    बोली लगाने के लिए अपनाया जाने वाला मॉडल प्रति यात्री राजस्व मॉडल होगा. यह मॉडल हाल ही में इस्तेमाल किया जा चुका है और सफल रहा है. जेवर हवाई अड्डे (ग्रेटर नोएडा में) की भी इसी मॉडल पर बोली लगाई गई थी.”

    इनका होगा प्राइवेटाइजेशन
    सूत्रों की मानें तो Airports Authority of India (AAI) ने 6 प्रमुख हवाई अड्डों- भुवनेश्वर, वाराणसी, अमृतसर, त्रिची, इंदौर, रायपुर और सात छोटे हवाई अड्डों- झारसुगुड़ा, गया, कुशीनगर, कांगड़ा, तिरुपति, जबलपुर और जलगांव के प्राइवेटाइजेशन को मंजूरी दे दी है. इन छोटे हवाई अड्डों को प्रमुख हवाई अड्डों के साथ जोड़ा जाएगा ताकि बड़े इंवेस्टर को लुभाया जा सके. देश में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब हवाई अड्डों के प्रायवेटाजाइजेशन में छोटे हवाई अड्डों को बड़े एयरपोर्ट के साथ जोडऩे का मॉडल तैयार किया जा रहा है.

    एक दूसरे से कनेक्ट करने की योजना
    Airports Authority of India (AAI) की योजना के मुताबिक झारसुगुड़ा हवाई अड्डे को भुवनेश्वर के साथ जोड़ा जाएगा. कुशीनगर एवं गया हवाई अड्डों को वाराणसी के साथ, कांगड़ा को अमृतसर के साथ, जबलपुर को इंदौर के साथ, जलगांव को रायपुर के साथ और त्रिची को तिरुपति हवाई अड्डे के साथ जोड़ा जाएगा.

    अडानी ग्रुप ने लगाई थी सबसे ऊंची बोलियां
    प्राइवेटाइजेशन के पिछले दौर में, उद्योगपति गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी समूह ने सभी 6 हवाई अड्डों- अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, तिरुवनंतपुरम, मंगलुरु और गुवाहाटी को हासिल करने के लिए बड़ी बोलियां लगाई थी. कुछ एयरपोर्ट के लिए तो ये बोली तकरीबन दोगुना थी. केंद्र सरकार को उम्मीद है कि वो 13 एयरपोर्ट की नीलामी से भारी- भरकम राशि जुटा सकती है.

    Tags: Airport, Airport in Jewar, Airports, International Airport, Jewar airport

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