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केमिकल सेक्‍टर की कंपनियों को 5 साल नहीं देना होगा कॉरपोरेट टैक्‍स! आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की तैयारी पूरी

केंद्र सरकार केमिकल सेक्‍टर को कॉरपोरेट टैक्‍स से राहत देने की तैयारी कर रही है.

केंद्र सरकार केमिकल सेक्‍टर को कॉरपोरेट टैक्‍स से राहत देने की तैयारी कर रही है.

Ministry of Chemical के प्रस्‍ताव के मुताबिक, केमिकल सेक्‍टर की कंपनियों को 5 से 10 साल के बीच सिर्फ 25 फीसदी और 10 से ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार ने देश के केमिकल  सेक्‍टर (Chemical Sector) और पेट्रोकेमिकल सेक्टर को आत्मनिर्भर बनने के लिए नई पॉलिसी तैयार की है. CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, केमिकल सेक्टर के लिए कुछ खास प्रस्‍ताव पेश किए गए हैं. नई पॉलिसी के तहत केमिकल की नई यूनिट लगाने वालों को कॉरपोरेट टैक्स में छूट मिलेगी. प्रस्‍ताव के मुताबिक, केमिकल सेक्‍टर से जुड़ी कंपनियों को पहले 5 साल तक किसी तरह का कॉरपोरेट टैक्‍स (Corporate Tax) नहीं देना होगा. इसके अगले 5 साल उन्‍हें सिर्फ 25 फीसदी कॉरपोरेट टैक्‍स देना होगा यानी 75 फीसदी टैक्‍स की छूट मिलेगी. वहीं, 10 से 15 साल के बीच सिर्फ 50 फीसदी कॉरपोरेट टैक्‍स देना होगा. इससे केमिकल सेक्‍टर की कंपनियों के पास ज्‍यादा पूंजी (Extra Capital) बचेगी.

    15 साल में 500 अरब डॉलर निवेश का है लक्ष्‍य
    प्लांट के भीतर इंफ्रास्ट्रक्चर लगाने के लिए 10 साल तक 10 से 20 फीसदी तक इक्विटी कैपिटल केंद्र सरकार की ओर से दिया जाएगा. केमिकल मंत्रालय (Ministry of Chemical) ने इस सेक्‍टर को आम्‍तनिर्भर बनाने के प्रस्ताव को अंतिम रूप दे दिया है. कैबिनेट (Cabinet) से मंजूरी मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा. प्रस्‍ताव के मुताबिक, अगले 15 साल में केमिकल सेक्‍टर में 500 अरब डॉलर के निवेश का लक्ष्य रखा गया है.


    इंपोर्ट ड्यूटी में भी रियायत देने का है प्रस्‍ताव 
    केमिकल सेक्‍टर के हितों को ध्‍यान में रखते हुए 13 साल पुराने पीसीपीआईआर पॉलिसी में भी बदलाव किया जाएगा. वहीं, इंपोर्ट पर ड्यूटी में भी रियायत देने का प्रस्ताव है. इसके तहत नाफ्था, नेचुरल गैस जैसे कच्चे माल के आयात पर शुल्‍क में रियायत देने का प्रस्ताव रखा गया है. केंद्र सरकार केमिकल प्रोडक्‍ट्स पर लगातार एंटी-डंपिंग ड्यूटी (Anti-Dumping Duty) लगा रही है. केमिकल और पेट्रो केमिकल सेक्टर के लिए नई पॉलिसी लागू होने से क्षेत्र में बड़ा सुधार होने की उम्‍मीद बनेगी. बता दें कि टिड्डी दल को काबू करने के लिए केमिकल की मांग बढ़ी है. वहीं, लंबे समय तक कोरोना संकट के कारण disinfectant की मांग में भी इजाफा हुआ है. सभी केमिकल कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजे भी अच्छे आने की उम्‍मीद है.  (लक्ष्मण रॉय, इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर- CNBC आवाज़)

    Tags: Central government, Tax benefit

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