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Bank Privatisation: बैंकों प्राइवेटाइजेशन को लेकर आई बड़ी खबर! कैबिनेट सचिव ने लिया ये बड़ा फैसला, जानें

Bank Privatisation: बैंकों प्राइवेटाइजेशन को लेकर आई बड़ी खबर! कैबिनेट सचिव ने लिया ये बड़ा फैसला, जानें

Bank Privatisation: बैंकों प्राइवेटाइजेशन

Bank Privatisation: बैंकों प्राइवेटाइजेशन

बैंक प्राइवेटाइजेशन (Bank Privatisation) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है.

    नई दिल्ली: बैंक प्राइवेटाइजेशन (Bank Privatisation) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. केंद्र सरकार ने विनिवेश के लिए दो बैंकों को शॉर्टलिस्ट कर लिया है. ये बैंक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) और इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) हैं. सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. बता दें सरकार पहले चरण में दोनों बैंकों में सरकार 51 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकती है.

    इस मुद्दे पर पर कैबिनेट सचिव की अगुवाई में हाल में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें विभिन्न नियामकीय और प्रशासनिक मुद्दों पर विचार किया गया. इससे इस प्रस्ताव को विनिवेश पर मंत्री समूह या वैकल्पिक तंत्र (एएम) के पास मंजूरी के लिए रखा जा सकेगा.

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    24 जून को किया गया विचार
    सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा अपने 2021 के बजट भाषण में इस बारे में घोषणा की गई थी, जिसके बाद नीति आयोग ने अप्रैल में कैबिनेट सचिव की अगुवाई में विनिवेश पर सचिवों के समूह को निजीकरण के लिए कुछ बैंकों के नाम सुझाए थे. सूत्रों ने बताया कि 24 जून बृहस्पतिवार को हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में नीति आयोग की सिफारिशों पर विचार किया गया.

    आपको बता दें यह समिति इस बारे में सभी तरह की खामियों को दूर करने के बाद बाद छांटे गए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का नाम वैकल्पिक तंत्र को भेजेगी. कैबिनेट सचिव की अगुवाई वाली समिति में आर्थिक मामलों के विभाग, राजस्व, व्यय, कॉरपोरेट मामलों कऔर विधि मामलों के अलावा प्रशासनिक विभाग के सचिव भी शामिल हैं. समिति में सार्वजनिक उपक्रम विभाग तथा लोक संपत्ति एवं प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव भी शामिल हैं.

    सेंट्रल बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक का होगा निजीकरण
    सूत्रों ने कहा कि समिति ने निजीकरण की संभावना वाले बैंकों के कर्मचारियों के हितों के संरक्षण से जुड़ मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया. एएम की मंजूरी के बार इस मामले को प्रधानमंत्री की अगुवाई वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल को अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. कैबिनेट की मंजूरी के बाद निजीकरण के लिए जरूरी नियामकीय बदलाव किए जाएंगे. सूत्रों का कहना है कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक का निजीकरण हो सकता है.

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    फरवरी में 4 बैंकों के नाम आए थे सामने
    आपको बता दें फरवरी महीने में पेश किए गए बजट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने दो सरकारी बैंकों और एक बीमा कंपनी के निजीकरण (Privatisation) की घोषणा की थी. सरकार ने FY22 के लिए विनिवेश के जरिए 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था. इस साल फरवरी में रिपोर्ट आई थी कि केंद्र सरकार ने 4 मिड साइज बैंकों को प्राइवेटाइजेशन के लिए शॉर्टलिस्ट किया है, जिनमें बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra), बैंक ऑफ इंडिया (BoI), इंडियन ओवरसीज बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का नाम शामिल है. 4 बैंकों में से 2 का निजीकरण वित्त वर्ष 2021-22 में होगा.

    Tags: Bank Privatisation, Banking reforms, Central bank of india, RBI

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