डिजिटल हेल्‍थ मिशन में डाटा प्राइवेसी पर केंद्र ने मांगे सुझाव, 3 सितंबर तक दे सकते हैं राय

डिजिटल हेल्‍थ मिशन में डाटा प्राइवेसी पर केंद्र ने मांगे सुझाव, 3 सितंबर तक दे सकते हैं राय
केंद्र सरकार ने नेशनल डिजिटल हेल्‍थ मिशन में डाटा प्राइवेसी को लेकर तैयार किया ड्राफ्ट प्रपोजल सार्वजनिक कर दिया है.

नेशनल डिजिटल हेल्‍थ मिशन (NDMH) के ड्राफ्ट प्रपोजल के मुताबिक, नामांकित (Enrolled) होने वाले हर व्यक्ति को एक हेल्‍थ आईडी (Health ID) मुफ्त मिलेगी. व्‍यक्ति का अपने हेल्‍थ डाटा पर पूरा नियंत्रण होगा. इस हेल्‍थ डाटा से कोई भी जानकारी लेने से पहले व्‍यक्ति की मंजूरी लेने अनिवार्य (Mandatory Permission) होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 26, 2020, 9:10 PM IST
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नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार ने नेशनल डिजिटल हेल्‍थ मिशन (NDHM) के तहत डाटा प्राइवेसी को लेकर लोगों की चिंताओं को दूर करने के लिए कदम उठाया है. केंद्र सरकार ने कहा कि मिशन के तहत सभी जरूरी मानकों को लागू किया जाएगा ताकि लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़ी संवेदनशील जानकारी की गोपनीयता (Health Data Privacy) को बरकरार रखा जा सके. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में एनडीएचएम शुरू करने की घोषणा की थी. इसके तहत भारतीय स्वास्थ्य व्यवस्था में मरीजों के रिकॉर्ड और डाटा की कमी को दूर किया जाएगा.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के नेतृत्‍व में चलाए जाने वाले मिशन के तहत हर व्यक्ति के स्वास्थ्य से संबंधित जानकारियां डिजिटल हेल्‍थ रिकॉर्ड के तौर पर दर्ज करने के लिए विशेष हेल्थ आईडी (Unique Health ID) जारी की जाएगी. इससे हर व्‍यक्ति के स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़ी जानकारी जुटाना आसान हो जाएगा. ड्राफ्ट प्रपोजल में साफ किया गया है कि हर व्‍यक्ति का अपनी हेल्‍थ डाटा पर पूरी नियंत्रण होगा. अगर कोई व्‍यक्ति जानकारी लेना चाहता है तो उसे संबंधित व्‍यक्ति की अनुमति लेना अनिवार्य होगा. यही नहीं अनुमति देने के बाद व्‍यक्ति जब चाहे इसे वापस लेकर जानकारी साझा करना बंद कर सकता है.

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सरकार की ओर से मौजूदा कानूनों और नियमों के अनुपालन में डाटा प्राइवेसी के लिए एक रूपरेखा (Framework) व न्यूनतम मानकों (Minimum Standards) के सेट का प्रस्‍ताव रखा गया है. सरकार ने आयुष्‍मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य योजना लागू करने की जिम्‍मेदारी भी एनएचए को ही दी है. एनएचए को पूरे देश में एनडीएचएम को शुरू करने का जिम्‍मा सौंपा गया है. एनएचए ने 'हेल्‍थ डाटा मैनेजमेंट पॉलिसी' का मसौदा सार्वजनिक कर दिया है. एनएचए ने एनडीएचएम की आधिकारिक वेबसाइट पर पॉलिसी से जुड़े सभी दस्‍तावेज डाल दिए हैं और लोगों से 3 सितंबर 2020 तक सुझाव मांगे हैं.
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डॉक्‍यूमेंट्स के मुताबिक, एनडीएच इकोसिस्‍टम (NDHE) के जुटाए डाटा को सेंट्रल लेवल पर स्‍टोर किया जाएगा. डाटा दो जगह स्‍टोर किया जा सकता है. पहला राज्‍यों या केंद्रशासित प्रदेशों के स्‍तर पर और दूसरा हेल्‍थ फैसिलिटी लेवल पर हेल्‍थ डाटा स्‍टोर किया जा सकता है. भारत में लोगों से जुटाए गए स्वास्थ्य डाटा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए पूरे एनडीएचई में इस्‍तेमाल किए जा सकने वाला फ्रेमवर्क तैयार करने की जरूरत है. एनएचए के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी इंदु भूषण ने कहा कि ड्राफ्ट हेल्‍थ डाटा मैनेजमेंट पॉलिसी लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़ी संवेदनशील जानकारी की गोपनीयता सुनिश्चित करने की दिशा में पहला कदम है.
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