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केंद्र सरकार का बड़ा कदम! अब कंपनियों को बैलेंसशीट में देना होगा Cryptocurrency की होल्डिंग और ट्रांजैक्‍शन का ब्‍योरा

केंद्र सरकार ने कंपनियों के लिए क्रिप्टोकरेंसी में किए गए लेनदेन का ब्‍योरा दिखाना अनिवार्य कर दिया है.

केंद्र सरकार ने कंपनियों के लिए क्रिप्टोकरेंसी में किए गए लेनदेन का ब्‍योरा दिखाना अनिवार्य कर दिया है.

केंद्र सरकार ने क्रिप्‍टोकरेंसी (Cryptocurrency) में भारतीय कंपनियों का लेनदेन और निवेश का ब्‍योरा हासिल करने के लिए कंपनीज एक्‍ट, 2013 में बदलाव किया है. अब कंपनियों को क्रिप्‍टोकरेंसी से जुड़े ट्रांजैक्शन, होल्डिंग के साथ प्रॉफिट और लॉस (Profit & Loss) को अपनी बैलेंसशीट में दिखाना होगा. यह प्रावधान 1 अप्रैल 2021 से लागू हो जाएगा.

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    नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार ने क्रिप्‍टोकरेंसी (Cryptocurrency) के नियमन की दिशा में पहला कदम बढ़ा दिया है. कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री (Ministry of Corporate Affairs) ने सभी कंपनियों को आदेश दिया है कि वे अपनी बैलेंसशीट में अनिवार्य रूप से क्रिप्‍टोकरेंसी में किए सभी लेनदेन का ब्‍योरा (Cryptocurrency Transactions) दिखाएंगे. साथ ही कंपनियों को बैलेंसशीट में क्रिप्‍टोकरेंसी होल्डिंग (Cryptocurrency Holdings) का पूरा ब्‍योरा भी देना होगा. मंत्रालय का यह आदेश भारत में बिटक्‍वाइन (Bitcoin) जैसी वर्चुअल करेंसीज को रेगुलेट करने के लिए जारी किया गया है.

    कंपनी एक्‍ट 2013 में बदलाव कर लाया गया नियम
    केंद्र सरकार के इस नियम से क्रिप्‍टो इंवेस्टमेंट्स की रिपोर्टिंग और फाइलिंग में पारदर्शिता आएगी. साथ ही सरकार को पता चल सकेगा कि किस कंपनी के पास कितनी क्रिप्‍टोकरेंसी हैं और इसका कितना लेनदेन किसे किया गया है. सरकार की ओर से कंपनी एक्ट, 2013 (Company Act 2013) के तीसरे शिड्यूल में किए गए संशोधन में यह अनिवार्य किया गया है कि कंपनियों को क्रिप्‍टोकरेंसी या वर्चुअल करेंसी से जुड़े ट्रांजैक्शन, होल्डिंग के साथ प्रॉफिट और लॉस (Profit & Loss) को दिखाना होगा. यह प्रावधान 1 अप्रैल 2021 से लागू हो जाएगा.

    ये भी पढ़ें- ULIP में एक से दूसरे फंड में स्विच करने की सुविधा होगी बंद! इक्विटी म्‍यूचुअल फंड के बराबर लगेगा टैक्‍स भी

    भारतीयों ने किया हुआ है 1.5 अरब डॉलर का निवेश
    मोदी सरकार एक तरफ क्रिप्‍टोकरेंसी को रेगुलेट करने के लिए कानून बना रही है. वहीं, यह कदम क्रिप्‍टोकरेंसी से जुड़ी हर जानकारी जुटाने में केंद्र की मदद करेगा. इससे सरकार को पता चल सकेगा कि कंपनियां किस तरह क्रिप्‍टोकरेंसी में ट्रेडिंग कर रही हैं. भारत में करीब 1 करोड़ लोग क्रिप्‍टोकरेंसी में निवेश करते हैं. वहीं, इसकी कोई जानकारी सरकार के पास नहीं है कि कितनी कंपनियों ने इसमें निवेश किया है या इसकी ट्रेडिंग और होल्डिंग कर रहे हैं. सरकार के इस कदम से इसका ब्‍योरा हासिल हो जाएगा. कहा जा रहा है कि इस कदम से क्रिप्‍टो ऐसेट्स के इंस्टीट्यूशनल एडॉप्शन को मजबूती मिल सकती है. बता दें कि भारत के लोगों ने क्रिप्‍टो ऐसेट्स में 1.5 अरब डॉलर से ज्‍यादा निवेश किया है.

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