E-Challan को लेकर केंद्र ने बदले नियम! सड़क पर रोककर चेक नहीं किए जाएंगे डॉक्‍युमेंट्स, जानें नए Rules

वाराणसी में आपकी गाड़ी का नंबर चोरी कर दूसरे भर रहे फर्राटा (file photo)
वाराणसी में आपकी गाड़ी का नंबर चोरी कर दूसरे भर रहे फर्राटा (file photo)

केंद्र सरकार (Central Government) के मुताबिक, आईटी सर्विसेस (IT Services) और इलेक्‍ट्रॉनिक मॉनिटरिंग (E-Monitoring) के जरिये देश में बेहतर तरीके से ट्रैफिक रूल्‍स (Traffic Rules) को लागू किया जाएगा. इससे लोगों को सड़क पर रुककर डॉक्‍युमेंट्स चेक कराने की शर्मिंदगी और परेशानी से निजात मिल जाएगी. अगर उनका कोई डॉक्‍युमेंट कम या अधूरा होगा तो उन्‍हें ई-चालान (E-Challan) मिल जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 29, 2020, 7:04 PM IST
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नई दिल्‍ली. केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने हाल में केंद्रीय मोटर व्‍हीकल रूल्‍स 1989 में कई तरह के बदलाव किए हैं. केंद्र की ओर से अधिसूचित नए नियम (New Motor Vehicle Rules) 1 अक्‍टूबर 2020 से लागू हो रहे हैं. मंत्रालय के मुताबिक, आईटी सर्विसेस (IT Services) और इलेक्‍ट्रॉनिक मॉनिटरिंग (E-Monitoring) के जरिये ट्रैफिक रूल्‍स को बेहतर तरीके से पूरे देश में लागू किया जा सकता है. नए नियमों के मुताबिक, अब किसी भी वाहन को सिर्फ डाक्‍युमेंट्स चेक (Documents Check) करने के लिए सड़क पर नहीं रोका जा सकता है. इससे लोगों को सड़क पर रुककर डॉक्‍युमेंट्स चेक कराने की परेशानी और शर्मिंदगी से निजात मिल जाएगी.

अब जांच के लिए नहीं होगी फिजिकल डॉक्‍युमेंट्स की मांग
नए नियमों के मुताबिक, अगर किसी व्‍हीकल का कोई डॉक्‍युमेंट कम या अधूरा होगा तो उसके रजिस्‍ट्रेशन नंबर के जरिये दस्‍तावेजों का ई-वैरिफिकेशन होगा और ई-चालान (E-Challan) भेज दिया जाएगा. यानी अब वाहनों की जांच के लिए फिजिकल डॉक्‍युमेंट्स की मांग नहीं की जाएगी. अब सवाल ये उठता है कि अगर व्‍हीकल्‍स के डॉक्‍युमेंट्स की फिजिकली जांच नहीं होगी तो कैसे पता चलेगा कि किसी वाहन का कोई डॉक्‍युमेंट एक्‍सपायर हो चुका है.


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ड्राइविंग लाइसेंस का ब्‍योरा पोर्टल पर किया जाएगा रिकॉर्ड
मंत्रालय ने साफ किया है कि लाइसेंसिंग अथॉरिटी की ओर से अयोग्य या निरस्त ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) का ब्‍योरा पोर्टल में रिकॉर्ड किया जाएगा, जिसे समय-समय पर अपडेट किया जाएगा. ये अपडेटेड डाटा पोर्टल पर दिखाई देगा. अगर प्रवर्तन अधिकारी की ओर से इलेक्ट्रॉनिक साधनों के जरिये दस्तावेजों का ब्‍योरा वैध पाया जाता है तो जांच के लिए फिजिकल डॉक्‍युमेंट्स की मांग नहीं की जाएगी. इसमें वो मामले भी शामिल होंगे, जहां ड्राइवर ने कोई उल्लंघन किया है, जिसमें किसी डॉक्युमेंट को ज़ब्त किया जाना है.

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अपने वाहनों के डॉक्‍युमेंट्स को इलेक्‍ट्रॉनिकली मेंटेन करें
केंद्र सरकार की ओर से जारी नए नियमों के मुताबिक, वाहन मालिकों को अपने डॉक्‍युमेंट्स को इलेक्‍ट्रॉनिक फॉर्म में मेनटेन करना जरूरी होगा ताकि सड़क पर रुककर जांच करने के झंझट से निजात पाई जा सके. आसान भाषा में समझें तो लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन डॉक्युमेंट्स, फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट्स जैसे वाहन से जुड़े जरूरी डॉक्युमेंट्स को सरकार की ओर से संचालित वेब पोर्टल के जरिये मेंटेन किया जा सकेगा. इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल के जरिए कमपाउंडिंग, इम्पाउंडिंग, एंडॉर्समेंट, लाइसेंस का सस्पेंशन व रिवोकेशन, रजिस्ट्रेशन और ई-चालान जारी करने का काम भी हो सकेगा.

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ऐसे ड्राइवर के व्‍यवहार पर नजर रखेगा ट्रैफिक डिपार्टमेंट
ट्रैफिक डिपार्टमेंट रिकॉर्ड को इलेक्‍ट्रॉनिकली मेंटेन करेगा. इससे ड्राइवर के व्‍यव‍हार पर भी नजर रखी जा सकेगी. दूसरे शब्‍दों में समझें तो पोर्टल पर निरस्त या डिसक्वॉलिफाई किए गए ड्राइविंग लाइसेंस का रिकॉर्ड समय-समय पर अपडेट किया जाएगा. इससे अथॉरिटीज को ड्राइवर के व्यवहार को मॉनिटर करने में मदद मिलेगी. नियमों के मुताबिक, अगर किसी वाहन संबंधी डॉक्युमेंट्स को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से वेरिफाई कर दिया गया है तो पुलिस अधिकारी इसकी फिजिकल कॉपी नहीं मांग सकेंगे. किसी डॉक्युमेंट की मांग करने या जांच के बाद तारीख और जांच का टाइम स्टैम्प व यूनिफॉर्म में पुलिस अधिकारी की पहचान पत्र का रिकॉर्ड भी पोर्टल पर ही मेंटेन किया जाएगा.
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