ये 10 सरकारी कंपनी भी होंगे प्राइवेट! क्रेन्द ने नीति आयोग को दी लिस्ट तैयार करने की जिम्मेदारी

केंद्र सरकार 10 पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) के प्राइवेटाइजेशन और इनमें हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है.

केंद्र सरकार 10 पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) के प्राइवेटाइजेशन और इनमें हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है.

केंद्र सरकार 10 पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) के प्राइवेटाइजेशन और इनमें हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है.

  • Share this:

नई दिल्ली. केंद्र सरकार 10 पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) के प्राइवेटाइजेशन और इनमें हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है. सूत्रों ने CNBC-TV18 को बताया कि इसके लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) का विकल्प भी इस्तेमाल किया जा सकता है.कैबिनेट सेक्रेटरी ने स्ट्रैटेजिक इनवेस्टमेंट पर समयसीमा और अन्य जानकारी मांगी है. डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) और नीति आयोग को उन PSU की लिस्ट बनाने की जिम्मेदारी दी गई है जिनमें सरकार हिस्सेदारी बेच सकती है.

इन कंपनियों के नाम शामिल

सूत्रों ने कहा कि इन PSU में नेवेली लिग्नाइट, KIOCL, SJVN, HUDCO, MMTC, जनरल इंश्योरेंस कंपनी, न्यू इंडिया एश्योरेंस शामिल हो सकती हैं. इसके अलावा मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नॉर्म्स के तहत तीन और PSU- इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्प, रेल विकास निगम और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के शेयर दोबारा बेचे जा सकते हैं. इन तीनों के लिए OFS अगले फाइनेंशियल ईयर में आने की संभावना है.

ये भी पढ़ें-  Exclusive- 35 साल के निश्चल ने महीने भर में बना दिया क्रिप्टो एक्सचेंज, अब है मंथली ट्रेडिंग वाॅल्यूम 35000 करोड़
बजट में लिया गया था फैसला

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस वर्ष के बजट में सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने के जरिए 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था. हालांकि, महामारी की दूसरी लहर के कारण सरकार की यह योजना सफल होनी मुश्किल है. पिछले कुछ वर्षों में सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर फंड जुटाने के सरकार के कई लक्ष्य पूरे नहीं हो सके हैं.

वहीं, दूसरी ओर नीति आयोग (Niti Ayog) ने विनिवेश संबंधी सचिवों की कोर समिति को उन सरकारी बैंकों के नाम सौंप दिए हैं जिनका विनिवेश प्रक्रिया के तहत मौजूदा वित्तीय वर्ष में निजीकरण किया जाना है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज