देश में जल्द हाइड्रोजन मिश्रित CNG से चलेंगी बस-कार, जानिए क्या है सरकार का प्लान

देश में जल्द हाइड्रोजन मिश्रित CNG से चलेंगी बस-कार, जानिए क्या है सरकार का प्लान
हाईड्रोजन मिश्रित सीएनजी ईंधन के लिए सरकार ने पब्लिक और अन्य स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगा है.

केंद्र सरकार देश में हरित ईंधन (Green Fuels) को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के कदम उठा रही है. इसी कड़ी में अब सड़क, परिवहन व राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी कर हाईड्रोजन मिश्रित सीएनजी के लिए पब्लिक और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगा है.

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नई दिल्ली. देश में हरित ईंधन (Green Fuels) को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि वह हाईड्रोजन मिश्रित सीएनजी ईंधन के लिए स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांग रही है. सड़क, परिवहन व राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने इस बारे में ड्रॉफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है. मंत्रालय इस नोटिफिकेशन के जरिए पब्लिक व अन्य स्टेकहोल्डर्स से हाइड्रोजन मिश्रित सीएनजी के लिए सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स, 1979 में संशोधन के लिए सुझाव मांगा है.

क्या होती है हाइड्रोजन सीएनजी- जो सीएनजी इस्तेमाल करते हैं वह पेट्रोल और डीजल के मुकाबले कम प्रदूषण करती है. लेकिन इसी में जब हाइड्रोजन मिल जाता है तो प्रदूषण की मात्रा और भी कम हो जाती है. अभी तक की रिसर्च बताती है कि हाइड्रोजन मिली सीएनजी को जब इस्तेमाल किया गया तो उससे प्रदूषण में काफी कमी आती देखी गई.

इसलिए वाहनों से निकलने वाले हानिकारक धुंए और ईंधन को सस्ता करने के लिए इंडियन ऑयल लिमिटेड ने नेचुरल गैस से हाइड्रोजन सीएनजी ईंधन बनाने के लिए एक कॉम्पैक्ट रिफॉर्मर तैयार किया.



इस ईंधन को आटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) में जब टेस्ट किया गया तो पाया गया कि साधारण सीएनजी के मुकाबले इसमें 70 प्रतिशत कार्बन मोनोऑक्साइड और 25 फीसदी हाइड्रोकार्बन कम निकले हैं.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक 'जब देश की राजधानी दिल्ली में डीजल के वाहन चलते थे तो उस वक्त सीएनजी आने से दिल्ली पर काफी असर पड़ा और प्रदूषण कम हुआ. ऐसे में अब हाइड्रोजन सीएनजी आने से दिल्ली में पॉल्यूशन के स्तर में काफी गिरावट दर्ज की जाएगी. यह प्रोजेक्ट बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए बेहतर कदम है.

नोटिफिकेशन में कहा गया, 'सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मसौदा अधिसूचना को अधिसूचित कर दिया है जिसके तहत हाइड्रोजन मिश्रित सीएनजी को एक मोटर वाहन ईंधन के रूप में शामिल करने के उद्देश्‍य से जीएसआर 461(ई), 22 जुलाई 2020, के जरिए केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1979 में संशोधन करने के लिए पब्लिक और सभी स्टेकहोल्डर्स से टिप्पणियां एवं सुझाव आमंत्रित किए गए हैं.'

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30 दिनों के अंदर भेज सकते हैं सुझाव
यह देश में ऑटोमोबाइल या मोटर वाहनों में हरित ईंधनों के इस्‍तेमाल को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय की ओर से उठाया गया एक और अहम कदम है. इस संबंध में अधिसूचना की तारीख से तीस दिनों के भीतर अपनी टिप्पणियां या सुझाव संयुक्त सचिव (एमवीएल), सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, परिवहन भवन, संसद मार्ग, नई दिल्ली -110001 (ईमेल: jspb-morth@gov.in) को भेजे जा सकते हैं

इसी माह के शुरुआत में मंत्रालय ने एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें कम्प्रेस्ड गैस हाइड्रोजन ईंधन सेल पर चलने वाले M और N कैटेगरी के वाहनों को ऑटोमेटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड 157:2020 के रूप करने की जानकारी दी गई थी.

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इसमें कहा गया कि फ्यूल सेल वाहनों के ​लिए हाइड्रोजन फ्यूल स्पेसिफिकेशंस ISO 14687 अनुरुप होगा. यह तब तक के लिए होगा जब तक BIS स्पेसिफिकेशन को ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड 2016 के तहत अधिसूचित नहीं कर दिया जाता है.
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