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अब बाज़ारों का भी बदलेगा रंग-रूप, पैदल चलने वालों के लिए केंद्र सरकार बना रही हैं नए रूल्स, जरूरी होगा पालन करना

अब बाज़ारों का भी बदलेगा रंग-रूप, पैदल चलने वालों के लिए सरकार बना रही नए Rules

अब बाज़ारों का भी बदलेगा रंग-रूप, पैदल चलने वालों के लिए सरकार बना रही नए Rules

केंद्र सरकार की एडवायजरी में कहा गया है कि 30 जून तक 10 लाख या ज्‍यादा आबादी वाले शहरों में 3 और इससे कम लोगों वाले शहरों में कम से कम 1 ऐसे बाजार को चिह्नित करना होगा, जिसे पैदल चलने वालों के हिसाब से तैयार किया जा सके.

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    नई दिल्‍ली. केंद्र ने आज एक एडवायजरी जारी करते हुए सभी शहरों में पैदल चलने वालों को ध्‍यान में रखते हुए खास बाजार (Pedestrian Friendly Markets) तैयार करने को कहा है. केंद्रीय आवास व शहरी मामलों के मंत्रालय (HUA) की ओर से जारी एडवायजरी के मुताबिक, नवंबर तक देश के हर शहर में ऐसे बाजार बन जाने चाहिए. मंत्रालय में सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि शहरों को 30 जून तक ऐसे बाजारों की पहचान कर लेनी हैं.


    10 लाख से ज्‍यादा आबादी वाले शहरों में होंगे 3 बाजार
    मिश्रा ने बताया कि 10 लाख या ज्‍यादा की आबादी वाले शहरों में कम से कम 3 ऐसे बाजारों की पहचान की जानी है. वहीं, 10 लाख से कम लोगों वाले शहरों में कम से कम 1 ऐसे बाजार की पहचान की जानी है. मंत्रालय ने कहा कि लॉकडाउन में छूट के साथ लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं. ऐसे में लोग सोशल डिस्‍टेंसिंग के साथ ही सार्वजनिक वाहनों के जरिये कहीं आने-जाने से भी परहेज कर रहे हैं. लिहाजा, पैदल चलने वालों और साइकिल का इस्‍तेमाल करने वालों को ध्‍यान में रखते हुए खास बाजार बनाए जाने की जरूरत है. कोरोना वायरस वैश्विक महामारी ने हमें लोगों की सुविधा को ध्‍यान में रखते हुए अपने बाजारों के बारे में फिर से सोचने का मौका दिया है.

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    निकायों को 30 सितंबर तक योजना पेश करने को कहा
    एडवायजरी में कहा गया है कि 30 जून तक बाजारों की पहचान करने के बाद नगर निकाय वेंडर्स, ट्रैफिक पुलिस, दुकानदारों और ग्राहकों से 30 सितंबर तक बातचीत कर पैदल चलने वालों के लिए खास बाजार की योजना बनाकर पेश करें. बाजार तैयार करने से पहले जगह का पूरा सर्वे करने की जरूरत होगी. इन बाजारों में सोशल डिस्‍टेंसिंग को ध्‍यान में रखते हुए गलियारे बनाने होंगे ताकि लोग एकदूसरे के संपर्क में आए बिना खरीदारी कर सकें. बाजार के प्‍लान में पेड़ लगाने पर भी विचार किया जा सकता है. इनमें टॉयलेट सुविधा और कचरा जमा करने का भी ध्‍यान रखा जाना चाहिए.

    योजना को दो चरणों में लागू करने का दिया गया सुझाव
    प्‍लान को अंतिम रूप देने के बाद उसे छोटी और लंबी अवधि के दो चरणों में लागू किया जातना चाहिए. छोटी अवधि के मानकों में मौजूदा बाजारों को फिर से व्‍य‍वस्थित किया जा सकता है. इनमें बैरिकेडिंग और दुकानों की दूरी बढ़ाने जैसे उपाय किए जा सकते हैं. पार्किंग की जगह तय की जा सकती है. साइकिल से आने वालों के लिए अलग रास्‍ते बनाए जा सकतमे हैं. बाजार वाले इलाके में रहने वाले लोगों के वाहनों के आने-जाने की खास व्‍यवस्‍था की जानी चाहिए. बाजार के आसपास के फुटपाथों को और चौड़ा किया जा सकता है. वहीं, लंबी अवधि की योजना में स्‍थायी स्‍ट्रक्‍चर तैयार किया जा सकता है.

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