छोटे कारोबारियों के लिए केंद्र सरकार ने शुरू की 20,000 करोड़ रुपये की कर्ज गारंटी योजना

छोटे कारोबारियों के लिए केंद्र सरकार ने शुरू की 20,000 करोड़ रुपये की कर्ज गारंटी योजना
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने वित्‍तीय संकट से जूझ रहरे छोटे उद्योगों के लिए कर्ज गारंटी योजना शुरू कर दी है.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए गारंटी योजना की शुरुआत कर दी है. इसके तहत बैंकों की ओर से एनपीए (NPA) श्रेणी में डाली जा चुके, लेकिन काम कर रहे उपक्रमों को कर्ज (Loan) दिया जाएगा. इसमें कर्ज के 90 फीसदी का गारंटी कवर केंद्र सरकार (Central Government) देगी.

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नई दिल्ली. कोरोना संकट के बीच वित्‍तीय संकट (Financial Crisis) से जूझ रहे उद्योगों की आर्थिक मदद के लिए केंद्र सरकार (Central Government) ने एक नई योजना शुरू की है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने वित्‍तीय दबाव झेल रहे दो लाख से ज्‍यादा सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों (MSMEs) को अतिरिक्त कर्ज सुविधा उपलब्ध कराने में गारंटी कवर के लिये 20,000 करोड़ रुपये की योजना शुरू की है. यह वित्तपोषण योजना उन एमएसएमई की मदद के लिये शुरू की गई है, जिन्‍हें बैंकों ने नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) की श्रेणी में डाल दिया है.

केंद्र सरकार ने एनपीए श्रेणी में डाले जाने के कारण दबाव झेल रहे एमएसएमई के प्रवर्तकों (Promoters) को अतिरिक्त कर्ज सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इस गारंटी योजना की शुरुआत की है. इस योजना को 'सबब.ऑर्डिनेट डेट फॉर क्राइसिस एसेट फंड-एमएसएमई' योजना के तहत 20,000 करोड़ रुपये का गारंटी कवर उपलब्ध कराया जाएगा. ये कवर ऐसे प्रवर्तकों को उपलब्‍ध कराया जाएगा जो अपनी कर्ज में फंसी इकाई में इक्विटी (Equity) के रूप में और निवेश कर सकते हैं. इसके लिए वे बैंकों से कर्ज लेना चाहते हैं.

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कर्ज और इक्विटी के तौर पर पूंजी हासिल करना बना चुनौती
केंद्र सरकार ने कहा, 'ऐसा महसूस किया गया कि वित्‍तीय दबाव के दौर से गुजर रही एमएसएमई के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती कर्ज (Loan) या इक्विटी के तौर पर पूंजी (Capital) हासिल करने को लेकर आ रही है. इस स्थिति को देखते हुए 13 मई 2020 को जारी आत्मनिर्भर पैकेज (Atamnirbhar Package) के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sithramaan) ने परिचालन कर रहे, लेकिन दबाव झेलने वाले एमएसएमई के लिये एक योजना की घोषणा की. इसके तहत प्रवर्तकों को उनके पुराने कर्ज के समक्ष अतिरिक्त कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा.

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प्रमोटर्स को इक्विटी जमा का इतना फीसदी ही मिलेगा लोन
योजना को लेकर जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करने, आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की मंजूरी और वित्त मंत्रालय, सिडबी व रिजर्व बैंक के साथ चर्चा करने के बाद गडकरी ने योजना को नागपुर में औपचारिक तौर पर शुरू किया. योजना के तहत उन सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों को कामकाज जारी रखने के लिये कर्ज सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिनका खाता 30 अप्रैल 2020 को एनपीए हो गया है. ऐसे एमएसएमई के प्रवर्तकों को उनकी इक्विटी जमा हिस्सेदारी के 15 प्रतिशत के बराबर या 75 लाख रुपये में जो भी कम होगी, उसके बराबर अतिरिक्त कर्ज दिया जाएगा.

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प्रमोटर्स को अधिकतम 10 साल के भीतर लौटाना होगा कर्ज
योजना के तहत मिलने वाले कर्ज को प्रवर्तक अपने उद्योग में इक्विटी निवेश के तौर पर डालेंगे, जिससे उस उपक्रम के कर्ज- इक्विटी अनुपात में सुधार होगा. योजना के तहत कर्ज पर 90 प्रतिशत गारंटी कवर सरकार की तरफ से दिया जाएगा. बाकी 10 फीसदी गारंटी कवर एमएसएमई के प्रवर्तक की तरफ से दिया जाएगा. इस योजना में 7 साल तक मूलधन के लौटाने पर रोक होगी, जबकि अधिकतम 10 साल में यह कर्ज लौटाना होगा.
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