भारत बनाने जा रहा है तेल की नई भंडारण व्यवस्था, कैबिनेट की बैठक में आज हो सकता है फैसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Cabinet Meeting Today: आज कैबिनेट और सीसीईए यानी आर्थिक मामलों की समिति की बैठक होने वाली है. इस बैठक में कई अहम फैसले हो सकता है. खासतौर पर भारत में तेल भंडारण को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 14, 2020, 7:37 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister of India) की अध्यक्षता में आज कैबिनेट और सीसीईए यानी आर्थिक मामलों की समिति की बैठक होने वाली है. इस बैठक में कई अहम फैसले होने की उम्मीद है. CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एनएमडीसी के डीमर्जर प्रस्ताव पर फैसला हो सकता है. Nagarnar Steel को NMDC से अलग करने को मंजूरी मिलने की उम्मीद है. इस खबर के बाद NMDC के शेयर में जोरदार तेजी आई है.

क्रूड ऑयल रिजर्व बनाने पर हो सकता है बड़ा फैसला- सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में आज क्रूड ऑयल रिजर्व बनाने पर फैसला हो सकता है. मौजूदा समय में भारत में 53.3 लाख टन रणनीतिक स्टोरेज (Strategic Crude Storage in India) हैं जोकि पूरी तरह से भरे हुए हैं. इसके अलावा शिप्स पर भी करीब 85 से 90 लाख टन तेल का भंडार है. इसका एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों में है. रिफाइनिंग कंपनियों ने भी अपने कॉमर्शियल टैंक्स और पाइपलाइंस में रिफाइंड ईंधन (Refined Fuel in India) और तेल भर रखा है. भंडारण किया हुआ तेल व अन्य उत्पाद भारत की कुल जरूरत का 20 फीसदी है. भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है.


नया रिज़र्व बनाने की तैयारी-भारत 65 लाख टन क्षमता वाले नई रणनीतिक भंडारण व्यवस्था बनाने का प्लान कर रहा है. सरकारी चाहती हैं कि सुविधा को तैयार करने के लिए वैश्विक निवेशक भी इसमें हिस्सा लें.





अटल बिहारी वाजपेयी का था आइडिया
1990 के दशक में खाड़ी युद्ध के दौरान भारत लगभग दिवालिया हो गया था. उस समय तेल के दाम आसमान छू रहे थे. इससे पेमेंट संकट पैदा हो गया. भारत के पास सिर्फ तीन हफ्ते का स्टॉक बचा था. हालांकि, उस समय के वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने स्थिति को बखूबी संभाला लिया था. उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की नीति से अर्थव्यवस्था पटरी पर आई. इसके बाद भी तेल के दाम में उतार-चढ़ाव भारत को प्रभावित करता रहा. इस समस्या से निपटने के लिए 1998 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अंडरग्राउंड स्टोरेज बनाने का फैसला किया.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज