Home /News /business /

इधर पानी के रेट पर बिक रहा गाय का दूध, उधर 10 हजार टन मिल्क पाउडर इंपोर्ट करने की अनुमति

इधर पानी के रेट पर बिक रहा गाय का दूध, उधर 10 हजार टन मिल्क पाउडर इंपोर्ट करने की अनुमति

भारत सबसे ज्यादा दूध का उत्पादन करने वाला देश है.

भारत सबसे ज्यादा दूध का उत्पादन करने वाला देश है.

भारत में पहले से ही सरप्लस है दूध, मिल्क पाउडर की कमी नहीं, फिर क्यों दी गई इंपोर्ट की अनुमति, किसान नेताओं का सरकार से सवाल, डेयरी किसानों के लिए घातक हो सकता है फैसला

नई दिल्ली. एक तरफ लॉकडाउन में डेयरी किसानों को मिलने वाला दूध का दाम 30 फीसदी तक गिर चुका है. कई जगह तो गाय का दूध बोलतबंद पानी के रेट पर बिक रहा है. दूसरी ओर केंद्र सरकार ने 10 हजार मिट्रिक टन स्किम्ड मिल्क पाउडर (SMP- Skimmed Milk Powder) यानी दूध का पाउडर इंपोर्ट करने की अनुमति दे दी है. इंपोर्ट करने वालों पर मेहरबानी दिखाते हुए दूध पर 50 फीसदी सीमा शुल्क को घटाकर सिर्फ 15 परसेंट कर दिया गया है. जबकि, दुनिया में भारत सबसे ज्यादा दूध का उत्पादन करने वाला देश है. वर्ल्ड का करीब 22 फीसदी दूध यहीं पैदा होता है.

किसान संघों ने सरकार से सवाल किया है कि जब लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से पहले ही अपने देश में दूध सरप्लस हो रहा है तो आयात करने की परमिशन क्यों दे दी गई? यह फैसला भारत के डेयरी किसानों (Dairy Farmers) के लिए घातक साबित हो सकता है, क्योंकि लॉकडाउन में वे पहले से ही दूध को लेकर दोहरी मार झेल रहे हैं.

पशुओं को पालना पहले से महंगा हो गया है जबकि उन्हें मिलने वाला दूध का दाम लगातार कम हो रहा है. ऐसे में अगर दूसरे देशों से दूध का पाउडर (Import milk powder) मंगाया गया तो उन्हें और कम दाम मिलेगा.

 kisan, farmers income hit, fall in milk demand, Covid-19 lockdown, Milk consumption down, Milk cooperatives, dairy farms, Mother Dairy, milk sales drop 35-40 percent, milk production in india, दूध की मांग में गिरावट, कोविड-19 लॉकडाउन, दूध की खपत में कमी, दुग्ध सहकारी समितियां, डेयरी फार्म, मदर डेयरी, किसान, किसानों की आय में गिरावट, दूध की बिक्री में 35-40 प्रतिशत की गिरावट, भारत में दूध उत्पादन
लॉकडाउन में गाय के दूध का दाम देखिए


यूपी में पशुपालकों को गाय का दूध बोलतबंद पानी के भाव करीब 22 रुपये लीटर पर बेचना पड़ रहा है. लॉकडाउन की वजह से करीब तीन महीने तक शादी-ब्याह, होटल-क्लब, चाय और मिठाई की दुकानें बंद रही हैं. आइसक्रीम की मांग भी नहीं थी. ऐसे में दूध सरप्लस हो गया था. तब इस कारोबार से जुड़ी सहकारी समितियों और कंपनियों ने दूध का स्किम्ड मिल्क पाउडर बनाकर रख लिया था.

किसान शक्ति संघ के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह के मुताबिक इस समय देश में करीब सवा लाख टन मिल्क पाउडर का स्टाक होने का अनुमान लगाया गया है. ऐसे में अगर और पाउडर दूसरे देश से मंगाया गया तो इसका नकारात्मक असर दाम में कमी के रूप में डेयरी सेक्टर और किसानों को होगा. सिंह के मुताबिक सरकार को तो दुग्ध उत्पादों के निर्यात का रास्ता खोजना चाहिए था, जबकि सरकार ने आयात की अनुमति दे दी. यह किसान विरोधी निर्णय है.

हालांकि, इस बारे में जब हमने पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री संजीव बालयान से बातचीत की तो उन्होंने कहा, “मौजूदा हालात में अपने देश में एसएमपी इंपोर्ट करने की आवश्यकता मुझे नहीं लगती. लेकिन केंद्र सरकार ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नॉर्म्स के हिसाब से इंपोर्ट की एक लिमिट तय की है. इंपोर्ट किया नहीं है. कोई यदि इंपोर्ट करना चाहेगा तो उसे हमारे मंत्रालय में आकर अलग से लाइसेंस लेना होगा. तब के हालात को देखते हुए ही हम लाइसेंस देने का फैसला लेंगे.”

modi government, Permission to import milk powder, dairy farmers news Skimmed Milk Powder, Lockdown, wto, Per Capita Availability of Milk in india, मोदी सरकार, दुग्ध पाउडर आयात करने की अनुमति, डेयरी किसानों की खबरें, स्किम्ड मिल्क पाउडर, लॉकडाउन, डब्ल्यूटीओ, भारत में दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता
फिर भी भारत में क्यों दी गई एसएमपी इंपोर्ट की अनूमति


खास बात

-निजी डेयरी कंपनियां सीधे तौर पर मिल्क पाउडर आयात नहीं कर सकतीं. इसके लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड, नेशनल कॉपरेटिव डेयरी फेडरेशन, एमएमटीसी और नेफेड आदि एजेंसियों को अधिकृत किया गया है.

-भारत में हर रोज करीब 50 करोड़ लीटर दूध का उत्पादन होता है. इसमें से लगभग 20 फीसदी संगठित और 40 फीसदी असंगठित क्षेत्र खरीदता है. लगभग 40 फीसदी दूध का इस्तेमाल किसान खुद करता है.

-यूपी, राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हरियाणा एवं कर्नाटक भारत के सबसे बड़े दूध उत्पादक राज्य हैं.

-नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के मुताबिक 2018-19 में भारत में प्रति व्यक्ति प्रति दिन दूध की औसत उपलब्धता 394 ग्राम थी. इस मामले में हरियाणा सबसे आगे है जहां प्रति व्यक्ति औसत दूध 1087 ग्राम है.

 

Tags: Animal husbandry, Farmer, Kisan, Ministry of Agriculture, Modi government, Sanjeev Balyan

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर