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केंद्र सरकार ने रेलवे लैंड की लीज फीस में की बड़ी कटौती, कॉन्कोर के शेयरों में अचानक आया जबरदस्त उछाल

केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे लैंड लीज फीस में की बड़ी कटौती.

केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे लैंड लीज फीस में की बड़ी कटौती.

केंद्र सरकार ने रेलवे लैंड की लीज फीस को 6 फीसदी से घटाकर 1.5 फीसदी कर दिया है. इसके अलावा लीज की समय अवधि को भी आगे बढ ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे लैंड की लीज फीस को घटाकर 1.5 फीसदी किया.
लीज की समयावधि को भी 5 साल से बढ़ाकर 35 साल कर दिया गया है.
हालांकि, ये बदलाव केवल कंटेनर कंपनियों के लिए किए गए हैं.

नई दिल्ली. केंद्रीय कैबिनेट ने रेल लैंड लीज पॉलिसी में बुधवार को बड़े बदलाव पर मुहर लगा दी. सरकार ने रेल लैंड लीज फीस (एलएलएफ) में बड़ी कटौती करते हुए इसे 6 फीसदी से घटाकर 1.5 फीसदी कर दिया है. इसके अलावा लीज की अवधि को 5 साल से बढ़ाकर 35 साल कर दिया गया है. सीएनबीसी-आवाज ने सूत्रों के हवाले से इस खबर की जानकारी देते हुए कहा कि इसकी घोषणा आज प्रेस वार्ता में की जा सकती है.

लैंड लाइसेंस फी उस जमीन के मार्केट प्राइस पर प्रति वर्ष 1.5 फीसदी की दर लगेगी. हालांकि, ये कटौती हर कंपनी के लिए नहीं की गई है. इसका फायदा केवल कार्गो कंपनियों को होगा. इसके अलावा अगर रेलवे की जमीन अगर किसी कार्गो कंपनी के पास पहले से है तो वह इस नई पॉलिसी में स्विच कर सकती है.

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गतिशक्ति टर्मिनल
इस बैठक में गतिशक्ति टर्मिनल को भी विकसित करने का फैसला किया गया है. सरकार का इरादा अगले 5 साल में 300 गतिशक्ति टर्मिनल बनाने का है. खबर के अनुसार, इस संबंध में भी आज दोपहर औपचारिक रूप से घोषणा किए जाने का अनुमान है.

कॉन्कोर को होगा लाभ
सरकारी कंटेनर कंपनी कॉन्कोर को इससे बड़ा लाभ मिलेगा. दरअसल, 2020 तक कॉन्कोर सरकारी कंपनी होने के नाते रियायती दरों पर लीज का लाभ लेती रही थी. हालांकि, उसके बाद सरकार ने फरमान जारी किया अब सरकारी व निजी कंपनियों से एक समान लीज फीस वसूली जाएगी. इससे कॉन्कोर को 6 फीसदी फीस का भुगतान करना पड़ रहा था और उसके मुनाफे पर इसका प्रभाव पड़ रहा था.

आर्थिक बोझ बढ़ा
सीएनबीसी-आवाज की खबर के अनुसार, कॉन्कोर पर वित्त वर्ष 20 में 140 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ था जो वित्त वर्ष 21 में बढ़कर 590 करोड़ रुपये हो गया. कॉन्कोर के पास 25 डिपो हैं जो रेलवे की जमीन पर लीज पर हैं. गौरतलब है कि सरकार कॉन्कोर में अपनी हिस्सेदारी बेचने पर भी विचार कर रही है. इस लिहाज से भी यह बदलाव काफी महत्वपूर्ण हो जाता है. फिलहाल सरकार इस कंपनी में करीब 55 फीसदी की हिस्सेदार है. कॉन्कोर शेयरों में दोपहर 1 बजे जबरदस्त उछाल देखने को मिला और 667 रुपये के करीब कारोबार शुरू करने वाला ये शेयर 766 रुपये तक पहुंच गया. हालांकि, खबर लिखे जाने के समय यह 8.7 फीसदी के उछाल के साथ 728 रुपये के करीब ट्रेड कर रहा है.

Tags: Business news in hindi, Cabinet decision, Central government, Indian railway, Indian Railway news

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