2020-21 की दूसरी छमाही में 4.34 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेगी मोदी सरकार

वित्त वर्ष 2020-21 में कुल कर्ज लेने का लक्ष्य 12 लाख करोड़ रुपये का है.
वित्त वर्ष 2020-21 में कुल कर्ज लेने का लक्ष्य 12 लाख करोड़ रुपये का है.

केंद्र सरकार चालू FY21 H2 में 4.34 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेगी. FY21 H1 में 7.66 करोड़ रुपेय का कर्ज लिया है.उआर्थिक मामलों के सचिव तरूण बजाज ने बताया कि सरकार इस साल कुल 12 लाख करोड़ रुपये के कर्ज जुटाने के लक्ष्य पर कायम है.

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  • Last Updated: October 1, 2020, 12:09 AM IST
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नई दिल्ली. वित्त मंत्रालय  (Ministry of Finance) ने बुधवार को कहा कि सरकार कोविड-19 संकट के बीच खर्च जरूरतों को पूरा करने के लिये चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही (FY21 H2) में 4.64 लाख करोड़ रुपये कर्ज (Government's Borrowing) लेगी. आर्थिक मामलों के सचिव तरूण बजाज (Tarun Bajaj) ने कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष में 12 लाख करोड़ रुपये के कर्ज जुटाने के लक्ष्य पर कायम है.

उन्होंने ने कहा कि सरकार ने सितंबर को समाप्त पहली छमाही में 7.66 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया और शेष 4.34 लाख करोड़ रुपये चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में लिये जाएंगे.

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पहली छमाही में 7.66 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया
सरकार ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कुल 6.98 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में से 58 प्रतिशत दिनांकित प्रतिभूतियों (Dated Securities) के जरिये जुटाने का लक्ष्य रखा था. इसके विपरीत सरकार ने अप्रैल-सितंबर के दौरान 7.66 लाख करोड़ रुपये कर्ज लिये.



बजट में कितना कर्ज लेने का लक्ष्य था?
सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिये जरूरी कोष को पूरा करने के लिये मई में उधार सीमा बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपये कर दी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने 2020-21 में बाजार से कुल 7.80 लाख रुपये का कर्ज लेने का लक्ष्य रखा था. यह 2019-20 में लिये गये 7.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक है.

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बजट में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 3.5 प्रतिशत
सरकार ने राजकोषीय को पूरा करने के लिये दिनांकित प्रतिभूतियों और ट्रेजरी बिलों के जरिये बाजार से कर्ज लेती है. बजट में राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) सकल घरेलू उत्पाद (GDP - Gross Domestic Product) 3.5 प्रतिशत रहने का लक्ष्य रखा गया है जो पिछले वित्त वर्ष के 3.8 प्रतिशत के मुकाबले कम है.
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