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Startups के लिए उपलब्‍ध कराई जाएगी शुरुआती पूंजी! दो स्‍कीम तैयार कर रहा DPIIT

पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेविंग्स स्कीम किसान विकास पत्र

पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेविंग्स स्कीम किसान विकास पत्र

डीपीआईआईटी (DPIIT) ने कहा है कि देश में स्‍टार्टअप (Startups) को प्रात्‍साहन देने के लिए दो योजनाओं पर काम जारी है. इन योजनाओं के तहत स्‍टार्टअप के लिए शुरुआती पूंजी उपलब्‍ध कराई जाएगी. विभाग चाहता है कि इन योजनाओं का फायदा पूरे देश में मिले.

  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. उद्योग व आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT) देश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने और आर्थिक मदद के लिए दो विशेष योजनाओं पर काम कर रहा है. ये योजनाएं लोन गारंटी (Loan Guarantee) और शुरुआती पूंजी (Starting capital) से जुड़ी हैं. डीपीआईआईटी के सचिव गुरुप्रसाद महापात्र ने बताया कि इन दोनों योजनाओं के तौर-तरीके तय करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी (Inter ministerial) विचार-विमर्श की प्रक्रिया चल रही है.

    बैंकों को देंगे लोन गारंटी स्‍कीम का फंड, लोन बांटने में होगी आसानी
    महापात्र ने कहा, 'हम लोन गारंटी और शुरुआती पूंजी योजना पर काम कर रहे हैं. फिलहाल दोनों विचार-विमर्श के दौर में हैं.' उन्‍होंने कहा कि लोन गारंटी योजना के लिए एक फंड (Fund) है, जिसे बैंकों को दिया जाएगा. बैंक इसका इस्तेमाल स्टार्टअप (Startups) को कर्ज देने के लिए कर सकते हैं. उन्‍होंने कहा कि इससे बैंकों (Banks) को लोन देने में सुविधा होगी. उन्‍होंने साफ किया कि यह फंड लोन के लिए होगा. इसका एंटरप्रन्‍योर कैपिटल के लिए इस्‍तेमाल नहीं किया जा सकेगा. स्‍टार्टअप के लिए शुरुआती पूंजी की योजना पर महापात्र ने कहा कि इस मामले में हम ऐसी योजना पर काम कर रहा हैं, जिसका पूरे देश में फायदा मिल सके.

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    'शुरुआती रकम की योजना के लिए वित्‍त मंत्रालय की मंजूरी जरूरी'
    डीपीआईआईटी के सचिव ने कहा कि ज्यादातर स्टार्टअप को शुरुआती रकम जुटाने में परेशानी आती है. गुजरात (Gujarat) और केरल (Keral) जैसे कुछ राज्यो में शुरुआती पूंजी की योजना है, लेकिन यह काफी छोटी है. केंद्र सरकार के मंत्रालयों की भी योजना है, लेकिन हम पूरे देश के लिए खास योजना चाहते हैं' उन्होंने कहा कि दोनों योजनाओं के लिए वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) की मंजूरी की जरूरत होगी. इसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet) की अनुमति ली जाएगी. महापात्र ने कहा कि कुछ स्टार्टअप ने कर्मचारी शेयर विकल्प योजना (ESOP) को लेकर कुछ मुद्दे उठाए हैं. हमने इसे राजस्व विभाग को भेज दिया है.

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