कोविड-19 के मामले कम होने पर दूसरे प्रोत्‍साहन पैकेज की घोषणा करेगी केंद्र सरकार!

कोविड-19 के मामले कम होने पर दूसरे प्रोत्‍साहन पैकेज की घोषणा करेगी केंद्र सरकार!
केंद्र सरकार में व्‍यय सचिव टीवी सोमनाथन के मुताबिक, लोगों ने सीधे बैंक खातों में भेजी गई आर्थिक मदद में से 40 फीसदी रकम बचाकर रख ली है.

केंद्रीय व्‍यय सचिव (Union Expenditure Secretary) टीवी सोमनाथन ने कहा कि हालात तब सामान्‍य होंगे, जब लोग कोविड-19 (COVID-19) को लेकर मानसिक दबाव से बाहर निकलेंगे. उन्‍होंने कहा कि केंद्र की ओर से सीधे लोगों के बैंक अकाउंट (DBT) में भेजी गई मदद में 40 फीसदी रकम लोगों ने बचाकर रख ली है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 25, 2020, 8:39 PM IST
  • Share this:
मुंबई. केंद्र सरकार (Central Government) कोरोना वायरस के मामलों में कमी आने और लोगों में इसका डर खत्‍म होने के बाद दूसरे प्रोत्‍साहन पैकेज (Second Stimulus) की घोषणा कर सकती है. केंद्रीय व्‍यय सचिव (UES) टीवी सोमनाथन ने कहा कि हालात तब सामान्‍य होंगे, जब लोग कोविड-19 (COVID-19) के कारण बने मानसिक दबाव से बाहर निकलेंगे और संकमितों की संख्‍या लगातार घटेगी. उन्‍होंने कहा कि सरकार ने डायरेक्‍ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से लोगों के बैंक अकाउंट में पैसे भेजे. लोगों ने इसमें करीब 40 फीसदी रकम खर्च करने के बजाय बचाकर रख ली.

देश में अभी स्‍वास्‍थ्‍य हालात बने हुए हैं गंभीर
सोमनाथन ने कहा, 'लोगों की बचाई गई 40 फीसदी रकम से साफ है कि प्रोत्साही उपायों से होने वाले फायदों की सीमाएं होती हैं. कई बार इसके लिए सही समय का चुनाव काफी अहम हो जाता है.' उन्‍होंने कहा कि कोरोना वायरस से बने हालात के कारण कारोबारी गतिविधियां ठप हो गई हैं. इसका सीधा संबंध लोगों में फैले कोरोना वायरस के डर से है. देश के विभिन्‍न हिस्सों में स्वास्थ्य हालात गंभीर बने हुए हैं. फाइनेंस और इंश्‍योरेंस सेक्‍टर के अलावा सिनेमाघर, मॉल और रेस्‍टोरेंट जैसी सेवाओं पर बहुत बुरा असर पड़ा है.

ये भी पढ़ें - BoB के ग्राहकों को महंगा पड़ेगा लोन लेना, बैंक ने बढ़ाया रिस्‍क प्रीमियम
इन सेक्‍टर्स में पैकेज से होगा अच्‍छा असर


केंद्रीय व्‍यय सचिव का मानना है कि मनोरंजन, मॉल, रेस्‍टोरेंट सेक्‍टर में सरकार की ओर से वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाने का अच्‍छा असर होगा. इस क्षेत्र में प्रोत्‍साहन पैकेज दिए जाने से लोगों को इन सेक्‍टर्स में फिर काम शुरू करने की हिम्‍मत मिलेगी. वहीं, लोगों के मन में कोविड-19 का मनोवैज्ञानिक डर पूरी तरह से खत्‍म होने के बाद ही देश की अर्थव्यवस्था में सुधार हो पाएगा. जब लोगों के बीच स्वास्थ्य चिंता कम होगी, तब सरकार वित्तीय प्रोत्साहन देकर अर्थव्यवस्था में मदद कर सकती है.

ये भी पढ़ें - RBI की रिपोर्ट: बैंकों को धोखाधड़ी के मामले पकड़ने में लगे 2 साल, 2019-20 में 28% बढ़े बैंक फ्रॉड केस

अब सरकार को करना होगा ज्‍यादा खर्च
केंद्र सरकार ने वित्तीय प्रोत्साहन के पहले दौर की घोषणा मार्च 2020 के आखिर में की थी. वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्‍त राज्‍यमंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रोत्‍साहन पैकेज की पूरी जानकारी देश के सामने रखी थी. इसमें देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के करीब दो फीसदी अतिरिक्त व्यय वाले कदम उठाए गए. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी सभी को चौंकाते हुए नीतिगत दरों में दो बार बड़ी कटौती की. विशेषज्ञों का मानना है कि अर्थव्‍यवस्‍था को पटरी पर लाने के लिए अब सरकार को ज्यादा खर्च करना होगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज