सरकारी बैंकों में 20 हजार करोड़ रुपये डालेगा केंद्र! FM निर्मला सीतारमण ने संसद से मांगी मंजूरी

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कहा, एनपीए बढ़ने से दबाव में आए सरकारी बैंकों को पूंजी उपलब्ध कराकर नकदी संकट से निकाला जाएगा.

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कहा, एनपीए बढ़ने से दबाव में आए सरकारी बैंकों को पूंजी उपलब्ध कराकर नकदी संकट से निकाला जाएगा.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने मानसून सत्र के दौरान संसद (Monsoon Session) में कहा कि कोरोना संकट के कारण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) को कर्जदारों से पैसा वापस नहीं मिल रहा है. इससे वे दबाव में हैं और उनके नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) बढ़ रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 14, 2020, 8:44 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) को रीकैपिटलाइजेशन बॉन्ड (Recapitalisation bonds) के जरिये 20 हजार करोड़ रुपये देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद की मंजूरी मांगी है. सरकार का कहना है कि उसके इस कदम से सरकारी बैंक को बड़ी राहत मिलेगी. वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि कोरोना संकट के बीच कर्जदारों से पैसे वापस नहीं मिलने के कारण सरकारी बैंक दबाव में हैं. उनका नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) बढ़ रहा है. सरकार इन बैंकों को पूंजी उपलब्ध कराकर नकदी संकट से निकल पाएगी.

वित्‍त मंत्री सीतारमण ने कहा, इससे राजकोषीय घाटा में नहीं होगी वृद्धि
संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) के पहले दिन लोकसभा में अनुदान की अनुपूरक मांगों (Supplementary Demand for Grants) को रखते हुए वित्‍त मंत्री सीतारमण ने कहा कि इससे देश का राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) भी नहीं बढ़ेगा. उन्‍होंने कहा कि बढ़ते एनपीए के कारण संकट में आए सरकारी बैंकों को राहत के लिए ये कदम उठाया जा रहा है. इससे पहले जुलाई में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि सरकार को सरकारी और प्राइवेट बैंकों के लिए एक रीकैपिटलाइजेशन प्लान लेकर आना चाहिए, ताकि ये बैंक बढ़ते एनपीए के दबाव को झेल पाएं.

Youtube Video

ये भी पढ़ें- छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी खबर! केंद्र सरकार ने MSMEs को दी राहत, कॉरपोरेट समूह को कहा जल्‍द करें बकाया भुगतान



केंद्र ने मनरेगा के लिए मांगी 40 हजार करोड़ अधिक खर्च की मंजूरी
शक्तिकांत दास ने कहा था कि मार्च 2021 तक कोरोना संकट के कारण बैंकों का एनपीए 12.5 फीसदी तक बढ़ सकता है. वित्त मंत्री सतीरमण ने लोकसभा (Lok Sabha) में वर्ष 2020-21 के लिए अनुपूरक मांगें पेश करते हुए 2,35,852 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च के लिए संसद से मंजूरी मांगी. इसमें मनरेगा (MNREGA) के तहत 40 हजार करोड़ रुपये के अधिक खर्च की मंजूरी मांगी गई है. वर्ष 2020-21 के लिए अनुपूरक मांगों के पहले बैच के तहत मांगे गए अतिरिक्‍त खर्च में 1,66,989.91 करोड़ रुपये नेट कैश आउटगो है.

ये भी पढ़ें- कोरोना संकट के बीच बढ़ाया मदद का हाथ, लोगों को रहने के लिए फ्री में दे दी पूरी बिल्डिंग

वित्‍त मंत्री ने वापस ले लिया बैंकिंग विनियमन (संशोधन) विधेयक
केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के मुताबिक सेंट्रल टैक्स में हिस्सेदारी के बाद राजस्व घाटे की भारपाई के लिए राज्यों को देने को 46,602.43 करोड़ रुपये की मांग की है. सत्र के दौरान बैंकिंग विनियमन (संशोधन) विधेयक (Banking Regulation (Amendment) Bill, 2020) वापस ले लिया गया. वित्त मंत्री ने विधेयक वापस लेने के लिए प्रस्ताव रखते हुए कहा कि वह इस साल 3 मार्च को यह विधेयक लाई थीं. बाद में एक अध्यादेश पारित किया गया था, लेकिन अब RBI को संकट में फंसे सहकारी बैंकों को पुनर्गठन का मौका देने के लिए इसमें कुछ चीजें जोड़ी जाएंगी. इसलिए विधेयक वापस लिया जा रहा है. इसकी सदन ने मंजूरी दे दी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज