केंद्र ने RBI से कहा- रुपये की स्थिति सुधारने के लिए उठाएं ज़रूरी कदमः रिपोर्ट

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पिछले सप्ताह कहा था कि रुपये की कीमत वैश्विक कारणों से गिर रही है इसके लिए परेशान होने की ज़रूरत नहीं है.

News18.com
Updated: September 11, 2018, 1:26 PM IST
केंद्र ने RBI से कहा- रुपये की स्थिति सुधारने के लिए उठाएं ज़रूरी कदमः रिपोर्ट
न्यूज 18 इलस्ट्रेशन
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Updated: September 11, 2018, 1:26 PM IST
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार ने रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया से कहा है कि रुपये को मज़बूत करने के लिए कोशिशें तेज़ की जाएं. पिछले महीने रुपये की स्थिति काफी खराब रही. इस साल रुपया अमेरिकी डॉलर की तुलना में 11.6 फीसदी नीचे गिरकर 2011 के बाद अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि वित्त मंत्रालय और केंद्रीय बैंक एक दूसरे के संपर्क में हैं.

केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि वो रुपये की गिरती हुई कीमत से परेशान है. इसे सुधारने के लिए सरकार स्पेशल डिपॉज़िट स्कीम लाने की सोच रही है ताकि इस समस्या से निपटा जा सके. ब्लूमबर्ग ने कहा कि रुपये की कीमत गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 72.66 रुपये के स्तर पर पहुंच गई थी. हालांकि कुछ समय बाद फिर से रुपया कुछ मज़बूत हो गया.

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चालू खाते का घाटा और बढ़ती हुई तेल की कीमतें अभी सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं और लगातार डॉलर की बढ़ती हुई कीमत इसमें और भी बढ़ोतरी कर सकता है. शुक्रवार को जारी किए आंकड़ों के अनुसार व्यापार घाटे के कारण चालू खाते का घाटा अप्रैल-जून महीनें में बढ़कर 15.8 बिलियन डॉलर हो गया है जो कि इसी महीने में पिछले साल 15 बिलियन डॉलर था. 2013 में इसी तरह की समस्या से निपटने के लिए रिज़र्व बैंक ने 'डिस्काउंटेड फॉरेन करेंसी स्वैप' का इस्तेमाल करके 34 बिलियन डॉलर की करेंसी जुटाई थी.

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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पिछले सप्ताह कहा था कि रुपये की कीमत वैश्विक कारणों से गिर रही है इसके लिए परेशान होने की ज़रूरत नहीं है. बता दें कि सोमवार को कांग्रेस सहित दूसरी विपक्षी पार्टियों ने पूरे भारत में बंद का आह्वान किया था.

इंटरनेशनल क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज़ के अनुसार रुपये की लगातार गिरती हुई कीमत भारतीय कंपनियों के लिए 'क्रेडिट निगेटिव' होगी क्योंकि इन कंपनियों ने ऋण अमेरिकी डॉलर में ले रखा है जबकि इनकी आमदनी रुपये में होती है.
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