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राज्य सरकारों की वजह से बढ़ सकता है देश का राजकोषीय घाटा, Moody's रिपोर्ट का दावा

hindi.moneycontrol.com
Updated: November 28, 2019, 11:40 AM IST
राज्य सरकारों की वजह से बढ़ सकता है देश का राजकोषीय घाटा, Moody's रिपोर्ट का दावा
राजकोषीय घाटे का टारगेट 3.3 रखा

ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody's) की इन्वेस्टर सर्विस ने केंद्र के फिस्कल डेफिसिट (fiscal deficit) यानी राजकोषीय घाटे के सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP (gross domestic product) का 3.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है.

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नई दिल्ली. ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody's) की इन्वेस्टर सर्विस ने केंद्र के फिस्कल डेफिसिट (fiscal deficit) यानी राजकोषीय घाटे के सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP (gross domestic product) का 3.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है. वित्त वर्ष 2019 में यह 3.4 फीसदी था. सरकार ने 2019-20 के लिए राजकोषीय घाटे का टारगेट 3.3 रखा है.

एजेंसी ने कहा है कि कुछ राज्य सरकारों के बढ़ते राजकोषीय घाटे के चलते केंद्र सरकार के मीडियम टर्म कंसॉलिडेशन लक्ष्यों पर असर डालेंगे. एजेंसी ने बताया कि जो राज्य अपना खर्च पूरा करने लायक रेवेन्यू इकट्ठा नहीं कर पाते हैं, वो अपनी जरूरतों के लिए केंद्र सरकार के अनुदान पर निर्भर होते हैं. इन राज्यों का फिस्कल डेफिसिटी पिछले कुछ सालों में बढ़ा है.

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एजेंसी ने एक रिपोर्ट में कहा कि खर्चों का दबाव बढ़ने और सुस्त आर्थिक वृद्धि के चलते सरकार के राजकोषीय घाटे में बढ़ोत्तरी हो सकती है. रिपोर्ट में कहा गया है- अनुमान है कि मार्च 2020 में वित्त वर्ष खत्म होने पर केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.7 फीसदी रहेगा, वहीं राज्य सरकारों का फिस्कल डेफिसिट 3 फीसदी के आसपास रह सकता है. इससे जनरल गवर्नमेंट डेफिसिट 6.7 फीसदी के आसपास रह सकता है.

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First published: November 28, 2019, 11:40 AM IST
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