चंदा कोचर को ICICI बैंक के चुकाने होंगे 350 करोड़ रुपये, जानिए क्या है पूरा मामला

चंदा कोचर को बैंक को करीब 350 करोड़ रुपए की रकम चुकानी पड़ सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक कोचर को ईसॉप के जरिए वित्त वर्ष 2009 से करीब 342 करोड़ रुपए मिले.

News18Hindi
Updated: January 31, 2019, 12:28 PM IST
चंदा कोचर को ICICI बैंक के चुकाने होंगे 350 करोड़ रुपये, जानिए क्या है पूरा मामला
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Updated: January 31, 2019, 12:28 PM IST
ICICI बैंक की सीईओ (CEO) चंदा कोचर ने बैंक द्वारा उनके इस्तीफे को लेकर 'हैरानी, निराशा और दुख' जताया है. बैंक ने श्रीकृष्ण समिति द्वारा की गई स्वतंत्र जांच की रिपोर्ट मिलने के बाद यह फैसला किया है. बैंक निदेशक मंडल ने इसके साथ ही 2009 से कोचर को दिए गए बोनस को वापस लेने के लिए कहा है.

अंग्रेजी अखबार ईटी के मुताबिक चंदा कोचर को बैंक को करीब 350 करोड़ रुपए की रकम चुकानी पड़ सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक कोचर को ईसॉप के जरिए वित्त वर्ष 2009 से करीब 342 करोड़ रुपए मिले. वहीं 10 करोड़ रुपए का बोनस भी मिला.

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बर्खास्तगी से बहुत दुख और तकलीफ पहुंची: चंदा 

कोचर ने कहा कि उन्होंने पूरी 'मेहनत और निष्ठा' के साथ 34 साल तक आईसीआईसीआई समूह की सेवा की है और बैंक के ताजा फैसले से उन्हें 'बहुत दुख और तकलीफ' पहुंची है. उन्होंने ये भी कहा कि बैंक में कर्ज देने का कोई भी निर्णय एकतरफा नहीं होता है. बैंक ने पूरी प्रक्रिया और प्रणाली स्थापित की है, जिसमें एक समिति आधारित सामूहिक निर्णय लिया जाता है.

बैंक ने कल कहा कि कोचर के इस्तीफे को उनकी 'गंभीर गलतियों के लिये बर्खास्तगी' के तौर लेगा. इससे पहले बैंक ने कोचर को वीडियोकॉन ऋण मामले में क्लीनचिट दी थी. आईसीआईसीआई बैंक की स्वतंत्र जांच की यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब कुछ समय पहले ही सीबीआई ने वीडियोकॉन समूह को 3,250 करोड़ रुपये का ऋण देने के मामले में एक-दूसरे को फायदा पहुंचाने के आरोप में कोचर और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है.

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न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बी एन श्रीकृष्णा की अध्यक्षता वाली स्वतंत्र जांच समिति ने पाया कि कोचर ने बैंक की नीतियों तथा अन्य नियमों का उल्लंघन किया है. समिति के निष्कर्षों के आधार पर आईसीआईसीआई बैंक के निदेशक मंडल ने इस मामले में 'आगे की जरूरी कार्रवाई करने की सलाह दी है'.

निदेशक मंडल ने बैंक को कोचर को अप्रैल 2009 से मार्च 2018 तक दिए गए सभी बोनस को वापस लेने के लिए भी कदम उठाने को कहा है. रिपोर्ट में पाया गया है कि 'कोचर ने आईसीआईसीआई बैंक की आचार-संहिता, हितों के टकराव और विश्वास संबंधी कर्तव्यों की उसकी रुपरेखा और इस संबंध में भारतीय कानूनों और नियमों का उल्लंघन किया है.

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First published: January 31, 2019, 12:03 PM IST
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