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वित्त आयोग के चेयरमैन ने अर्थव्यवस्था पर कहा- लंबे समय तक नहीं रहेगा नरमी का दौर

भाषा
Updated: November 15, 2019, 10:51 PM IST
वित्त आयोग के चेयरमैन ने अर्थव्यवस्था पर कहा- लंबे समय तक नहीं रहेगा नरमी का दौर
मनी

वित्त आयोग (Finance Commission) के चेयरमैन ने कहा कि अर्थव्यवस्था में नरमी ​(Economic Slowdown) एक छोटी घटना की कहानी जैस है और उम्मीद है आर्थिक वृद्धि में कमी का वर्तमान दौर लंबे समय तक नहीं रहेगा.

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नई दिल्ली. वित्त आयोग (Finance Commission) के चेयरमैन एन के सिंह ने शुक्रवार को कहा कि अर्थव्यवस्था में मौजूदा नरमी (Economic Slowdown) एक छोटी घटना की कहानी जैसी है और उम्मीद है आर्थिक वृद्धि में कमी का वर्तमान दौर लंबे समय तक नहीं रहेगा. भारत की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में गिरकर पांच प्रतिशत रही. यह इसका छह साल का न्यूनतम स्तर है.

दूसरी​ तिमाही में 5 फीसदी से भी कम रहने का अनुमान
दूसरी तिमाही में इसके पांच प्रतिशत से भी नीचे जाने का अनुमान लगाए जा रहे हैं और कुछ अनुमानों में कहा जा रहा है कि चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर पांच प्रतिशत से नीचे जा सकती है.

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उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘मैं नहीं समझता कि मौजूदा आर्थिक नरमी ऐसी कोई चीज है जिसका सामना देश लंबे समय से कर रहा हो. मैं अभी आशान्वित हूं कि मौजूदा आर्थिक नरमी की बात किसी छोटी घटना की कहनी की तरह है ना कि ढांचागत.’’

बुनियादी सुधार की जरूरत
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हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को अपनी अर्थव्यवस्था में बुनियादी सुधार करना जारी रखना होगा. क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) के बारे में उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक ढांचा बदलना होगा, लेकिन भारत को इसमें नुकसान की तरफ नहीं है.

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बहुपक्षीय प्रणाली को मजबूत पर देना होगा ध्यान
यह बात स्थापित हो चुकी है कि भारत के लिए बहुपक्षीय व्यवस्था में काम करना द्विपक्षीय विश्व के मुकाबले बेहतर रहा है. देश को बहुपक्षीय प्रणाली को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन साथ साथ अपने हितों की रक्षा के प्रति सावधान भी रहना चाहिए.

RCEP पर नहीं शामिल होने का फैसला
गौरतलब है कि भारत ने इसी महीने की शुरुआत में आसियान सदस्यों सहित कुल 16 देशों के बीच क्षेत्रीय व्यापाक भागीदारी समझौते (RCEP) में शामिल नहीं होने का निर्णय किया क्यों कि इस पर बातचीत में भारत की कुछ चिंताओं का समाधान नहीं हो सकता था.

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First published: November 15, 2019, 10:51 PM IST
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