चंद्रशेखरन ने चंद महीनों में बदली टाटा ग्रुप की किस्‍मत, समूह की कंपनियां दे रहींं बंपर रिटर्न

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टाटा समूह से सायरस मिस्त्री के बेहद विवादास्‍पद तरीके से जाने के बाद माना जा रहा था कि ग्रुप की किस्‍मत जल्‍द पलटने वाली नहीं है, क्‍योंकि इस पूरे प्रकरण से लोगों से लेकर इन्‍वेस्‍टर्स में भी काफी बुरा मैसेज गया है. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. एन चंद्रशेखरन के टाटा ग्रुप की कमान संभालने के बाद से मानो ग्रुप की किस्मत ही बदल गई है। विवादों के बीच जब से उन्‍होंने ग्रुप के चेयरमैन का पद संभाला है, तबसे अब तक ग्रुप की ज्यादातर कंपनियां निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे चुकी हैं। कोई शक नहीं कि चंद्रशेखरन दलाल स्‍ट्रीट का विश्‍वास जीतने में कामयाब रहे हैं.



शुरुआत में दबाव में थीं अधिकांश कंपनियां

21 फरवरी को जब चंद्रशेखरन टाटा ग्रुप के चेयरमैन बने थे, उस समय टाटा ग्रुप की ज्यादातर कंपनियों पर फाइनेंशियल दबाव था। तभी से लेकर अब तक ग्रुप की कंपनियों के शेयर 61 फीसदी तक चढ़ चुके हैं। यही नहीं लाल निशान वाले शेयरों में भी बाउंस बैक दिख रहा है। चंद्रा के आने के बाद से इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी में 10.7 फीसदी और मिड कैप इंडेक्स में 11.4 फीसदी का उछाल आया है।



61 फीसदी तक रिटर्न दिया है कंपनी ने
चंद्रा के ग्रुप चेयरमैन बनने के बाद टाटा मेटालिक्स ने 61 फीसदी, टिन प्लेट ने 48 फीसदी, वोल्टास ने 39 फीसदी, टाटा इनवेस्टमेंट ने 32 फीसदी, टाटा स्पॉन्ज ने 31 फीसदी, टाटा ग्लोबल ने 23 फीसदी, टाइटन ने 22 फीसदी, टाटा स्टील ने 16 फीसदी, टाटा टेली ने 16 फीसदी, टाटा एलेक्सी ने 14 फीसदी, टाटा कॉफी ने 12 फीसदी, टाटा केमिकल्स ने 10 फीसदी रिटर्न दिया है।





कुछ शेयरों में गिरावट है लेकिन काफी कम

चंद्रा के कमान संभालने के बाद भी ग्रुप के कुछ शेयरों में गिरावट देखने को मिली है, लेकिन काफी कम है. उदाहरण के लिए, टाटा मोटर्स डीवीआर में 2 फीसदी, टाटा पावर में 3 फीसदी, टीसीएस में 4 फीसदी और टाटा कम्युनिकेशंस में 11 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली है, जबकि टाटा मोटर्स का प्रदर्शन सपाट रहा है।
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