लोगो वाला कैरी बैग पर कंपनी अगर चार्ज वसूले तो करें यहां शिकायत, होगी तुरंत कार्रवाई

कैरी बैग के लिए अलग से पैसे वसूलने पर देश की एक नामी कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है.

कैरी बैग के लिए अलग से पैसे वसूलने पर देश की एक नामी कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है.

कैरी बैग (Carry Bag) का शुल्क लेने पर एक बड़ी मल्टीनेशल कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है. हैदराबाद में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (District Consumer Disputes Redressal Commission) ने शिकायतकर्ता को 15000 रूपये भुगतान करने का आदेश दिया है.

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  • Last Updated: February 25, 2021, 8:54 AM IST
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नई दिल्ली. पिछले दिनों हैदराबाद में एक नामी कंपनी के खिलाफ कैरी बैग (Carry Bag) के बदले में चार्ज वसूलने पर जुर्माना लगाया गया है. कंपनी को जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (District Consumer Disputes Redressal Commission) ने कैरी बैग का शुल्क लेने के लिए मुआवजे के तौर पर शिकायतकर्ता को 15000 रूपये भुगतान करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कंपनी पर न केवल जुर्माना लगाया बल्कि इस प्रैक्टिस को तुरंत प्रभाव से बंद करने को भी कहा. जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने माना कि अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस के लिए कंज्यूमर को एक विज्ञापन एजेंट के तौर पर आप इस्तेमाल नहीं कर सकते. आयोग ने कहा, 'प्रतिवादी अपनी कंपनी के लोगो वाले प्लास्टिक बैग बेच रहे हैं. कंपनी विज्ञापन के उपकरण के तौर पर कंज्यूमर या शिकायतकर्ताओं का उपयोग कर रहे हैं. अब ऐसी हरकतों को स्वीकारा नहीं जा सकता है.'

कैरी बैग को लेकर एनसीडीआरसी सख्त
गौरतलब है कि हाल ही में एनसीडीआरसी ने एक फैसले में बिग बाजार को कैरी बैग लोगो के लिए अतिरिक्त चार्ज वसूलने पर रोक दिया था. हैदराबाद में भी कंज्यूमर से कंपनी के लोगो वाले कैरी बैग पर अतिरिक्त चार्ज वसूला गया तो मामला उपभोक्ता फोरम तक पहुंच गया. नए उपभोक्ता कानून में कैरी बैग की कीमत का खुलासा करना भी निष्पक्ष ट्रेड प्रैक्टिस के बराबर है. एनसीडीआरसी ने कहा कि बिना भुगतान काउंटर पर कैरी बैग के लिए अतिरिक्त चार्ज वसूलना निष्पक्ष व्यापार के लिए सही नहीं है.

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एनसीडीआरसी ने एक फैसले में बिग बाजार को कैरी बैग लोगो के लिए अतिरिक्त चार्ज वसूलने पर रोक दिया था. (सांकेतिक फोटो)

कंपनी लोगो के साथ कैरी बैग पर चार्ज नहीं वसूल सकती


बता दें कि नए कंज्यूमर प्रोटक्शन एक्ट-2019 के मुताबिक रिटेलर अपनी कंपनी के लोगो का उपयोग किए बिना प्लास्टिक कैरी बैग के लिए शुल्क ले सकता है. मतलब रिटेलर पैसे ले कर सादा कैरी बैग बेच तो सकता है, लेकिन अगर कैरी बैग में कंपनी का लोगो बेचा जाता है तो उसकी मुफ्त में आपूर्ति की जानी चाहिए.

कंपनी और उपभोक्ता सहमत हों तो ये मुमकिन
हालांकि, कंपनी अगर खरीददारी से पहले ही आपको बता दे कि कैरी बैग के लिए चार्ज लगेंगे तो आपकी सुनवाई कंज्यूमर कोर्ट में नहीं हो सकती है. इसके साथ ही अगर आपकी कंपनी के साथ कैरी बैग खरीदने को लेकर सहमति हो जाती है तो भी कंपनी पर कार्रवाई नहीं हो सकती है.

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कंपनी के लोगो वाले कैरी बैग पर अतिरिक्त चार्ज वसूला गया तो मामला उपभोक्ता फोरम तक पहुंच गया.


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नया कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट में है ये प्रावधान
मोदी सरकार ने देश के उपभोक्ताओं को आज से कई अधिकार दे दिए हैं. पूरे देश में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 लागू है. इस कानून में दुकानदारों पर लगाम कसा गया है. नए कानून के मुताबिक अगर दुकानदार कैरी बैग का चार्ज वसूलता है और उपभोक्ता अगर उसकी शिकायत दर्ज कराता है तो इस पर कार्रवाई होगी. कैरी बैग के लिए अतिरिक्त पैसा लेना नए कानून में दंडनीय हो गया है.
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