जल्द चीन लॉन्च करने वाला है अपनी Cryptocurrency, क्या भारत भी बदलेगा अपनी स्ट्रेटेजी?

वर्चुअल करेंसी का बाजार लगातार बढ़ रहा है. इसको देखते हुए अब चीन (China) भी अपनी क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) बाजार में उतारने की योजना बना रहा है. अब देखना होगा भारत (India) का इस पर कैसा रहेगा रुख.

hindi.moneycontrol.com
Updated: August 13, 2019, 4:54 PM IST
जल्द चीन लॉन्च करने वाला है अपनी Cryptocurrency, क्या भारत भी बदलेगा अपनी स्ट्रेटेजी?
वर्चुअल करेंसी का बाजार लगातार बढ़ रहा है. इसको देखते हुए अब चीन (China) भी अपनी क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) बाजार में उतारने की योजना बना रहा है. अब देखना होगा भारत (India) का इस पर कैसा रहेगा रुख.
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Updated: August 13, 2019, 4:54 PM IST
वर्चुअल करेंसी का बाजार लगातार बढ़ रहा है. इसको देखते हुए अब चीन (China) भी अपनी क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency)  बाजार में उतारने की योजना बना रहा है. एक ओर भारत में जहां मॉनेटरी बॉडीज का रुख क्रिप्टोकरेंसी को लेकर नकारात्मक है, वहीं अब खबर है कि चीन खुद अपनी क्रिप्टोकरेंसी लॉन्च करने वाला है. Bloomberg की एक रिपोर्ट में Peoples Bank of China (PBOC) के एक सीनियर अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि बैंक बहुत जल्द अपनी क्रिप्टोकरेंसी लॉन्च करने वाला है. PBOC के पेमेंट डिपार्टमेंट के डिप्टी डायरेक्टर मू चांगचुन ने बताया कि बैंक के रिसर्चर्स पिछले एक साल से क्रिप्टोकरेंसी का सिस्टम डेवलप करने पर काम कर रहे हैं और उसे लॉन्च करने के बहुत करीब हैं.

बैंक का इरादा इसके जरिए कैश सर्कुलेशन को रिप्लेस करना है और मॉनेटरी पॉलिसी पर कंट्रोल करना है. इससे चीनी करेंसी युआन के सर्कुलेशन और इंटरनेशलाइजेशन को भी सपोर्ट मिलेगा.

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LIBRA के बाद बेचैनी

दरअसल, फेसबुक की ओर से अपनी क्रिप्टोकरेंसी LIBRA लॉन्च करने की घोषणा के बाद से दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों के बीच चिंता बढ़ गई है. ऐसे में बैंक फॉरेन एक्सचेंज रिस्क से बचने और मॉनेटरी मशीनरी पर अथॉरिटी बनाए रखने के लिए डिजिटल करेंसी की दुनिया में कदम रखने पर विचार कर सकते हैं. PBOC इस दिशा में पहले ही तैयारी कर चुका है.

भारत का है क्या रुख?
लेकिन भारत में तस्वीर कुछ अलग है. पिछले महीने ही वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के पूर्व सचिव सुभाष गर्ग की अध्यक्षता में बने एक पैनल ने निजी क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगाने का सुझाव दिया था. इस पैनल ने इससे संबंधित लेन-देन करने वालों पर 25 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने का भी सुझाव दिया था. साथ ही इस मामले में 10 साल तक की सजा की सिफारिश भी की गई है.
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हालांकि इस पैनल ने सेंट्रल डिजिटल करेंसी लाने पर विचार करने का भी सुझाव दिया था. समिति का कहना था कि क्रिप्टोकरेंसी के लिए उपयोग में लाई जाने वाली तकनीक, डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (डीएलटी) फाइनेंशियल बिजनेस, केवाईसी लागत में कमी लाई जा सकती है. साथ ही क्रेडिट एसेट बेहतर किया जा सकता है. इसके अलावा देश के फाइनेंशियल और नॉन फाइनेंशियल सेक्टर में बेहतर उपयोग किया जा सकता है. ऐसे में देखना होगा कि चीन के वर्चुअल करेंसी की दुनिया में पदार्पण के बाद भारत इस दिशा में क्या और कितनी तेजी से कदम उठाता है.

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First published: August 13, 2019, 3:30 PM IST
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