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चीन के जानलेवा कोरोना वायरस का भारत पर असर-जल्द महंगी हो सकती हैं रोजमर्रा के इस्तेमाल वाली ये चीजें

News18Hindi
Updated: February 13, 2020, 12:37 PM IST
चीन के जानलेवा कोरोना वायरस का भारत पर असर-जल्द महंगी हो सकती हैं रोजमर्रा के इस्तेमाल वाली ये चीजें
खाने-पीने की चीजों के साथ-साथ दवाओं के दाम भी बढ़ सकते हैं

अंग्रेजी के बिजनेस अखबार इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, चीन से भारत खाने-पीने का सामान खरीदता हैं, इसमें राजमा प्रमुख है. देश में घरेलू जरूरत के लिए सालाना 50 फीसदी राजमा चीन से इंपोर्ट होता है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि भारतीय कंपनियां दवा बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल को भी चीन से खरीदती हैं. ऐसे में सप्लाई रुकने का असर दवा कीमतों पर भी पड़ सकता है.

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  • Last Updated: February 13, 2020, 12:37 PM IST
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मुंबई. चीन में फैले जानलेवा कोरोना वायरस का असर दुनियाभर के कारोबार (China Coronavirus Impact on Indian Economy) पर दिखने लगा है. जहां एक ओर कच्चा तेल सस्ता होने से घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें घट रही हैं. वहीं, रोजमर्रा की कई चीज़ें अब महंगी होने लगी हैं. अंग्रेजी के बिजनेस अखबार इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, चीन से भारत खाने-पीने का सामान खरीदता हैं, इसमें राजमा प्रमुख हैं. देश में घरेलू जरूरतों के लिए सालाना 50 फीसदी राजमा चीन से इंपोर्ट होता है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि भारतीय कंपनियां दवा बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल को भी चीन से खरीदती हैं. ऐसे में सप्लाई रुकने का असर दवा कीमतों पर भी पड़ सकता है.

भारत में महंगी हो सकती हैं ये चीजें

(1) खाने-पीने की चीजों पर होगा असर- अखबार में छपी खबर के मुताबिक, चीन के डलियन पोर्ट से शिपमेंट नहीं आने की वजह से दुनियाभर में राजमा के दाम 8 फीसदी से ज्यादा बढ़ गए है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें 1100 डॉलर प्रति क्विंटल हो गई हैं. वहीं, चीन में अभी भी कारोबारी गतिविधियां रुकी हुई हैं. रिपोर्ट्स में बताया गया हैं कि भारत पहुंचने वाले 300 कंटेनर बंदरगाह पर फंसे हुए हैं. घरेलू मार्केट में खेप पहुंचते ही एक महीने के अंदर कीमतों में उछाल आएगा.

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कोरोना वायरस को लेकर WHO ने ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित की है.


(2) महंगी हो सकती हैं दवाइयां- वीएम पोर्टफोलियो के रिसर्च हेड विवेक मित्तल ने न्यूज18 हिंदी को बताया की दवा बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की सप्लाई चीन से रुक गई है. ऐसे में कंपनियों को अन्य देशों से महंगा कच्चा माल खरीदना पड़ सकता हैं. इससे शुगर और ब्लेड प्रेशर के इलाज में काम आने वाली दवाओं के दाम बढ़ सकते हैं. आपको बता दें कि चीन के वुहान में दवाओं से जुड़ी सबसे ज्यादा कंपनियां हैं. इन कंपनियों से कच्चे माल, भारत जैसे बड़े देशों में एक्सपोर्ट होता हैं. भारत 80 फीसदी एपीआई (दवाओं का कच्चा माल) चीन से मंगाता है. चीन से भारत करीब 57 तरह के मॉलिक्यूल्स मंगाता है. कोरोना की वजह फैक्ट्रियों पर अभी ताला लग गया है.

करॉनवायरस के चलते इंसान को बुखार, खांसी, सांसों का उखड़ना, सांस लेने में समस्या आदि होती हैं. अभी तक इसका पता नहीं चल पाया है कि वो कैसे फैला है?
कोरोना वायरस के चलते इंसान को बुखार, खांसी, सांसों का उखड़ना, सांस लेने में समस्या आदि होती हैं. अभी तक इसका पता नहीं चल पाया है कि वो कैसे फैला है?


भारत ने उठाए कदम -बता दें कि भारत में दवाओं की कीमतें में किसी भी तरह का इजाफा न हो, इसके लिए सरकार ने एक उच्च स्तरीय कमेटी का भी गठन किया है. इस कमेटी में तकनीकी विभागों के विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है. इस कमेटी ने मोदी सरकार को जो रिपोर्ट सौंपी है, उसके मुताबिक अगले एक महीने में अगर चीन से दवाओं की सप्लाई नहीं होती है तो देश में गंभीर हालात पैदा हो सकते हैं.(3) एसी-फ्रिज और टीवी भी हो सकते हैं महंगे- उनका कहना है कि कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियां भी दाम बढ़ा सकती हैं. क्योंकि एजी और फ्रिज के भी पार्ट्स चीन से आयात होते हैं. साथ ही, चीन का शहर वुहान ऑटो हब भी हैं. भारतीय ऑटो कंपनियों को अब घरेलू ऑटो एसेंलरी कंपनियों से प्रोडक्ट खरीदने पड़ेंगे. ऐसे में इन भारतीय कंपनियों को फायदा होगा. लेकिन ऑटो कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका बनी हुई है.

इंडस्ट्री संस्थाओं और ट्रेडर्स का कहना है कि जब तक स्थिति साफ नहीं होती उससे पहले आगामी कुछ समय तक कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.

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First published: February 13, 2020, 11:28 AM IST
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