अब चीन ने भी ऑलवेदर फ्रेंड पाकिस्‍तान को दिया करारा झटका! बड़ा कर्ज देने के लिए मांग ली एडिशनल गारंटी

चीन ने पाकिस्‍तान को बड़ा कर्ज देने के लिए अतिरिक्‍त गारंटी की मांग की है.

चीन ने पाकिस्‍तान को बड़ा कर्ज देने के लिए अतिरिक्‍त गारंटी की मांग की है.

पाकिस्तान (Pakistan) ने रेल मेन लाइन प्रोजेक्ट के लिए अपने सदाबहार मित्र राष्‍ट्र चीन (China) से 6 अरब डॉलर की वित्तीय मदद (Financial Support) मांगी थी. इस पर बीजिंग ने इस्लामाबाद की कमजोर आर्थिक स्थिति (Economic Crisis) को देखते हुए अतिरिक्त गारंटी (Additional Guarantee) की मांग की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 23, 2020, 10:53 PM IST
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नई दिल्‍ली. पाकिस्तान (Pakistan) इस समय वित्‍तीय संकट (Economic Crisis) के दौर से गुजर रहा है. इस्‍लामाबाद की आर्थिक हालत इतनी खराब हो चुकी है कि जब उसने एक रेल परियोजना (Rail Project) के लिए अपने सदाबहार मित्र राष्‍ट्र चीन (China) से वित्‍तीय मदद मांगी तो उसने इसके लिए अतिरिक्‍त गारंटी (Additional Guarantee) की मांग कर डाली. दरअसल, पाकिस्तान में रेल मेन लाइन वन (ML-1) प्रोजक्ट के लिए 6 अरब डॉलर की जरूरत है. इस पर चीन ने मंजूरी देने से पहले लोन पर अतिरिक्त गारंटी की मांग की है. बीजिंग ने इस्लामाबाद की सस्ते लोन की उम्मीद के उलट इस रेल प्रोजेक्‍ट के लिए कॉमर्शियल (commercial) और कन्सेशनल (concessional) लोन का मिला-जुला प्रस्ताव भी रखा है.

एडिशनल गारंटी के मुद्दे पर नहीं दिया लिखित दस्‍तावेज
द एक्‍सप्रेस ट्रिब्‍यून ने आधिकारिक दस्तावेजों के हवाले से जारी की रिपोर्ट में बताया है कि 13 दिसंबर 2020 को रेल प्रोजेक्ट के लिए पैसे जुटाने को लेकर हुई ज्‍वाइंट एमएल-1 फाइनेंसिंग कमेटी (Financing Committee) की बैठक में एडिशनल गारंटी का मुद्दा उठाया गया था. इस बातचीत में शामिल एक पाकिस्‍तान अधिकारी ने बताया कि बैठक के दौरान अतिरिक्त गारंटी का मुद्दा उठाया गया था, लेकिन पाकिस्तान के साथ शेयर किए गए ड्राफ्ट मिनट में इसका जिक्र नहीं किया गया. दूसरे शब्‍दों में समझें तो इस मुद्दे पर लिखित तौर पर कोई दस्तावेज (No Written Document) नहीं है.

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पेशावर से कराची तक रेल लाइन का होना है दोहरीकरण


पाकिस्‍तान के अधिकारी ने ट्रिब्‍यून को बताया कि फिलहाल इस ड्राफ्ट मिनट पर दोनों देशों ने हस्ताक्षर नहीं किए हैं. एमएल-1 प्रोजेक्ट के तहत पाकिस्तान में पेशावर से कराची तक 1,872 किमी लंबी रेल लाइन का दोहरीकरण और अपग्रेड किया जाना है. यह प्रोजेक्ट चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के दूसरे चरण का अहम हिस्सा है. उन्‍होंने यह भी बताया कि चीन ने पाकिस्तान की वित्तीय स्थिति की सही स्थिति जानने के लिए अतिरिक्त गारंटी का मुद्दा उठाया है. पाकिस्तान ने G-20 देशों से खराब वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए कर्ज मे राहत की मांग की है. बता दें कि G-20 देशों में दुनिया के सबसे गरीब देश शामिल हैं.

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पाकिस्‍तान को 1 फीसदी ब्‍याज दर पर लोन की थी उम्‍मीद
पाकिस्तान के आर्थिक मामलों के मंत्रालय (Ministry of Economic Affairs) ने कहा है कि इस प्रोजेक्ट के लिए चीन से लिए जाने वाले 6 अरब डॉलर के कर्ज पर तीसरे दौर की बातचीत के बाद हालात साफ हो पाएंगे. हालांकि, पाकिस्तान को उम्मीद थी कि चीन रेल प्रोजक्ट के लिए 1 फीसदी ब्याज दर पर 10 साल के लिए लोन दे देगा. बता दें कि सीपीईसी चीन के वन बेल्ट, वन रूट इनीसिएटिव का हिस्सा है. भारत इस प्रोजेक्ट को लेकर अपनी ओर से कई आपत्तियां दर्ज करा चुका है. दरअसल, यह प्रोजेक्ट पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) से होकर गुजरता है, जो भारतीय संप्रभुता का उल्लंघन है.
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