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चीन को बड़ा झटका! करेंसी युआन 10 साल के निचले स्तर पर, अर्थव्यवस्था पर गहराया संकट

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Updated: October 31, 2018, 5:36 PM IST
चीन को बड़ा झटका! करेंसी युआन 10 साल के निचले स्तर पर, अर्थव्यवस्था पर गहराया संकट
चीन को बड़ा झटका! करेंसी युआन 10 साल के निचले स्तर पर, अर्थव्यवस्था पर गहराया संकट

अर्थव्यवस्था रफ्तार सुस्त पड़ने से बुधवार को चीन की करेंसी युआन 10 साल के निचले स्तर 6.96 युआन प्रति डॉलर पर आ गई है.

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  • Last Updated: October 31, 2018, 5:36 PM IST
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अमेरिका की ओर से जारी ट्रेड वॉर की टेंशन अब चीन की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगी है. अर्थव्यवस्था रफ्तार सुस्त पड़ने से बुधवार को चीन की करेंसी युआन 10 साल के निचले स्तर 6.96 युआन प्रति डॉलर पर आ गई है.यह मई 2008 के बाद का न्यूनतम स्तर है. अर्थशास्त्रियों का कहना है कि आने वाले समय में चीन की आर्थिकी ग्रोथ और सुस्त हो सकती है. हालांकि, युआन के कमजोर होने से चीन का निर्यात सस्ता होगा.

चीन की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव: चीन के नेशनल ब्यूरो आॅफ स्टैटिस्टिक्स के आंकड़ों के अनुसार, कारोबारी गतिविधियों का संकेत देने वाला परचेज मैनेजिंग इंडेक्स (PMI) सितंबर के 50.8 से गिरकर अक्टूबर में 50.2 पर आ गया. यह विश्लेषकों के अनुमान से भी कम रहा है. इंडेक्स का 50 से ऊपर रहना वृद्धि, जबकि 50 से नीचे रहना गिरावट का संकेत देता है. चीन की आर्थिक वृद्धि दर तीसरी तिमाही में गिरकर 6.5 प्रतिशत पर आ गई.ये भी पढ़ें-घर पर लगवाएं ATM, हर महीने होगी लाखों रुपये की कमाई

चीन की परेशानियां- सीएनबीसी के एक प्रोग्राम में एक्सपर्ट्स ने बताया कि चीन की सबसे बड़ी परेशानी अमेरिका के साथ चल रही ट्रेड वॉर है. इससे प्रोडक्शन गिर रहा है. अगली तिमाही में ग्रोथ 6.6 फीसदी से 6.7 फीसदी के आसपास रहने की उम्मीद है.ये भी पढ़ें-एयरपोर्ट पर ये सामान ले जाना पड़ेगा भारी, सख्त कानून लाने की तैयारी में सरकार

क्या है ट्रेड वॉर-जब दो या उससे ज्यादा देश बदले की भावना से एक-दूसरे के लिए व्यापार में अड़चनें पैदा करते हैं तो उसे ट्रेड वॉर यानी व्यापार युद्ध कहा जाता है. इसके लिए एक देश दूसरे देश से आने वाले समान पर टैरिफ या टैक्स लगा देता है या उसे बढ़ा देता है. इससे आयात होने वाली चीजों की कीमत बढ़ जाती हैं, जिससे वे घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाती. इससे उनकी बिक्री घट जाती है. अमेरिका और चीन के बीच यही चीज देखी जा रही है. ये भी पढ़ें-1 नवंबर से होंगे ये 5 बड़े बदलाव: एटीएम से अब कम निकलेगा कैश, ऐसे बदलेगी आपकी जिदंगी

चीन अमेरिका का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है. अमेरिका के कुल व्यापार में चीन की हिस्सेदारी 16.4 फीसदी है. भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के टॉप 5 ट्रेडिंग पार्टनर्स में नहीं आता है. 1.9 फीसदी की व्यापार हिस्सेदारी के साथ वह इस मामले में नौवें पायदान पर है.

 

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First published: October 31, 2018, 5:36 PM IST
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