चीनी मीडिया ने 59 ऐप्‍स बंद करने पर निकाली भड़ास तो आनंद महिंद्रा ने दिया करारा जवाब

चीनी मीडिया ने 59 ऐप्‍स बंद करने पर निकाली भड़ास तो आनंद महिंद्रा ने दिया करारा जवाब
भारत सरकार के चीनी ऐप्‍स पर प्रतिबंध लगाने के बाद चीन के सरकारी मीडिया ने भड़ास निकालने की कोशिश की तो उद्यमी आनंद महिंद्रा ने तीखा जवाब देकर उनकी बोलती बंद कर दी.

चीन (China) के सरकारी अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' ने 59 चीनी ऐप्‍स पर रोक के बाद भारत पर खिसयाहट निकालने की कोशिश की. अखबार के संपादक हू शीजिन (Hu Xijin) ने ट्वीट कर भारत को नीचा दिखाने की कोशिश की. इस पर भारतीय उद्योगपति आनंद महिंद्रा (Ananad Mahindra) ने तीखा जवाब दिया.

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नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार ने चीन (China) से जारी सीमा विवाद के बीच टिकटॉक, यूसी ब्राउजर और हेलो समेत 59 चीनी ऐप्‍स पर प्रतिबंध (Chinese Apps Banned in India) लगा दिया है. इसके बाद जहां भारत (India) में सरकार के फैसले की तारीफ हो रही है, वहीं चीन में लोग बौखलाहट भरी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. चीन ऐप्‍स पर रोक के बाद अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला दे रहा है. चीन के सरकारी अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' ने भी भारत पर अपनी खिसयाहट निकालने की कोशिश की.

ग्लोबल टाइम्स के संपादक हू शीजिन (Hu Xijin) ने चीनी ऐप्स पर पाबंदी के बाद ट्वीट कर भारत को नीचा दिखाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय उद्योगपति आनंद महिंद्रा (Ananad Mahindra) ने करारा जवाब देकर उनकी बोलती बंद कर दी. हू शीजिन ने ट्वीट किया कि अगर चीन के लोग भारतीय उत्पादों का बहिष्कार करना भी चाहें तो उन्हें वो भारत में बना सामान खोज नहीं पाएंगे. इसके बाद उन्‍होंने लिखा कि भारतीय दोस्तों आपको कुछ ऐसी चीजें चाहिए, जो राष्ट्रवाद से ज्यादा महत्वपूर्ण हों.

सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहने वाले भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा (Mahindra) के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने शीजिन को जवाब देते हुए लिखा, 'मुझे लगता है कि इंडिया इंक को यह टिप्पणी पहली बार मिली है. ये सबसे ज्‍यादा प्रभावी और प्रेरक साबित हो सकती है. हमें उकसाने के लिए धन्यवाद. हम इस मौके को भुनाकर दिखाएंगे.



भारत में चीनी ऐप्‍स को प्रतिबंधित किए जाने से बौखलाया चीन अब अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला दे रहा है. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि स्थिति का करीब से आकलन किया जा रहा है. चीन की सरकार हमेशा चीनी कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय कानूनों-नियमों का पालन करने के लिए कहती है. अब भारत सरकार पर चीनी निवेशकों समेत अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के कानूनी अधिकार बनाए रखने की जिम्मेदारी है. बता दें कि लद्दाख की गलवान घाटी में भारत-चीन सीमा पर दोनों देशों के बीच हुए हिंसक संघर्ष के बाद से ही देश में चीनी वस्‍तुओं और सेवाओं के बहिष्कार की मांग हो रही थी.

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भारती खुफिया एजेंसियों ने कुछ दिन पहले 52 चीनी ऐप्‍स को लेकर अलर्ट जारी किया था. बता दें कि सरकार की ओर से चीन के 59 ऐप्‍स पर प्रतिबंध लगाने के आदेश में सीमा विवाद का कोई जिक्र नहीं किया गया है. सरकार का कहना है कि देश के करोड़ों मोबाइल और इंटरनेट यूजर्स के हितों की रक्षा, इंडियन साइबरस्‍पेस की सुरक्षा के मद्देनजर ये फैसला लिया गया है. केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा था कि उन्‍हें कई शिकायतें मिली थीं. ये ऐप उपयोगकर्ताओं (Users) का डाटा चुराकर भारत के बाहर मौजूद सर्वर को अनधिकृत तरीके से भेजते हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति शत्रुता रखने वाले तत्वों की ओर से इन आंकड़ों को इकट्ठा करना, इनकी जांच-पड़ताल व प्रोफाइलिंग भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए खतरा है.
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