सीमा विवाद के बीच चीन की कंपनी को मिला दिल्‍ली-मेरठ RRTS में ठेका! बनाएगी 5 किमी से ज्‍यादा लंबी सुरंग

दिल्‍ली-मेरठ रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्‍टम के एक हिस्‍से का ठेका चीनी कंपनी को दे दिया गया है. (सांकेतिक फोटो)

दिल्‍ली-मेरठ रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्‍टम के एक हिस्‍से का ठेका चीनी कंपनी को दे दिया गया है. (सांकेतिक फोटो)

भारत-चीन सीमा विवाद (India-China Border Dispute) के बीच जून 2020 में चीनी कंपनी शंघाई टनल इंजीनियरिंग कंपनी (STEC) ने दिल्‍ली-मेरठ रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्‍टम (Delhi-Meerut RRTS) के एक सेक्‍शन के ठेके के लिए सबसे कम बोली लगाई थी. विवाद के कारण ठेके को स्‍थगित कर दिया गया था. अब इस कंपनी को प्रोजेक्‍ट में 5.6 किमी लंबी सुरंग (Tunnel) बनाने का ठेका मिल गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 4, 2021, 11:02 PM IST
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नई दिल्ली. लद्दाख सीमा पर चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद केंद्र की मोदी सरकार ने चीन के खिलाफ एक के बाद एक सख्‍त कदम उठाने शुरू कर दिए थे. इनमें चीन की कंपनियों के साथ कुछ परियोजनाओं के लिए किए गए करार रद्द किए गए. साथ ही केंद्र सरकार ने कई चीनी मोबाइल ऐप्‍स और गेम्‍स पर प्रतिबंध भी लगा दिया था. इन्‍हीं में एक दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के एक सेक्शन के ठेके कि लिए चीन की शंघाई टनल इंजीनियरिंग कंपनी (STEC) ने जून 2020 में सबसे कम बोली लगाई थी, लेकिन विवाद के कारण इसे भी स्‍थगित कर दिया गया था. भारत और चीन के बीच विवाद अभी पूरी तरह से खत्‍म भी नहीं हुआ है और इस कंपनी को आरआरटीएस के इस सेक्‍शन का ठेका मिल गया है.

एसटीईसी को एनसीआरटीसी ने 5.6 किमी सुरंग बनाने का दे दिया ठेका

जानकारी के मुताबिक, नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम के एक हिस्से का ठेका चीनी कंपनी एसटीईसी को दे दिया है. यह कंपनी न्यू अशोक नगर से साहिबाबाद के बीच 5.6 किमी लंबी सुरंग बनाएगी. एनसीआरटीसी के प्रवक्ता ने बताया कि कई एजेंसियों की ओर से इस हिस्‍से के ठेके के लिए बोली लगाई गई थी. इसके लिए कई स्तर से मंजूरी भी लेनी होती है. इस बोली को निर्धारित प्रक्रिया और दिशानिर्देशों के बाद ही मंजूर किया गया था. इस प्रोजेक्‍ट को समय पर पूरा करने के लिए 82 किमी लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है.

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दिल्‍ली-मेरठ आरआरटीएस पर खर्च होंगे करीब 30,274 करोड़ रुपये

केंद्र सरकार ने दिल्ली और मेरठ के बीच सेमी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर को फरवरी, 2018 में मंजूरी दी थी. इस 82.15 किमी लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस को पूरा करने में करीब 30,274 करोड़ रुपये खर्च होंगे. प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद दिल्ली से मेरठ के सफर में लगने वाला समय बहुत कम हो जाएगा. आरआरटीएस में 68.03 किमी हिस्सा एलिवेटेड और 14.12 किमी हिस्‍सा अंडरग्राउंड होगा. इसके लिए पांच कंपनियों ने बोली लगाई थी. चीनी कंपनी एसटीईसी ने सबसे कम 1,126 करोड़ रुपये की बोली लगाई. भारतीय कंपनी लार्सन एंड टूब्रो (L&T) ने 1,170 करोड़ रुपये की बोली लगाई. वहीं, टाटा प्रोजेक्ट्स और एसकेईसी के जेवी ने 1,346 करोड़ रुपये की बोली लगाई.
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