लाइव टीवी

मोदी सरकार का बड़ा फैसला- चीन के पटाखे बेचते या जलाते पकड़े गए तो होगी सजा

News18Hindi
Updated: October 24, 2019, 12:55 PM IST
मोदी सरकार का बड़ा फैसला- चीन के पटाखे बेचते या जलाते पकड़े गए तो होगी सजा
चीन के पटाखे बेचते या जलाते पकड़े गए तो होगी सजा

केंद्र सरकार (Government of India) ने आदेश दिया है कि अगर कोई व्यक्ति चाइनीज पटाखों (Chinese Crackers) का इस्तेमाल करते हुए या बेचते हुए पाया गया तो उन्हें कस्टम एक्ट 1962 (Custom Act 1962) के तहत दंडित किया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 24, 2019, 12:55 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. दिवाली से ठीक पहले सरकार ने चाइनीज पटाखों (Chinese Crackers) पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है. सोमवार को कस्‍टम विभाग के प्रिंसिपल कमिश्नर (Principal Commissioner of Customs) ने इस संबंध में एक नोटिस जारी किया है. नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि पटाखों के आयात पर पूरी तरह से प्रतिबंध है. अगर कोई व्‍यक्ति चाइनीज पटाखों को रखता है, बेचता है या फिर किसी तरह से इसकी डीलिंग करता है तो उन्‍हें कस्‍टम एक्‍ट 1962 के तहत दंडित किया जाएगा.

खतरनाक केमिकल्स से बचने के ​लिए लगा प्रतिबंध
बता दें कि सरकार की तरफ से जारी इस नोटिस में कहा गया है कि चाइनीज पटाखों का आयात और भारतीय बाजार में इनका इस्‍तेमाल चिंता का विषय है. चाइनीज पटाखों के आयात पर प्रतिबंध है और यदि किसी व्‍यक्ति के पास यह पाया जाता है तो उन्‍हें कस्‍टम एक्‍ट के तहत दंडित किया जा सकता है. इस नोटिस में कहा गया है कि चाइनीज पटाखों का इस्‍तेमाल सरकार के एक्‍सप्‍लोजिव रूल्‍स 2008 (Explosive Rules 2008) के खिलाफ है और यह हानिकारक है. इनमें लेड, कॉपर, ऑक्‍साइड और लीथियम जैसे प्रतिबंधित केमिकल्‍स का इस्‍तेमाल किया जाता है. ये केमिकल्‍स इंसानों के लिए खतरनाक होने के साथ पर्यावरण के लिए भी हानिकारक हैं.


Loading...

ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि पटाखों की लेबलिंग डिटेल्‍स देखकर ही खरीदारी करें. अगर कोई आम नागरिक इस तरह के पटाखों की सेल संबंधित जानकारी रखता है तो वो चेन्‍नई कस्‍टम कंट्रोल रूम के टेलीफोन नंबर 044-25246800 पर कॉल कर जानकारी दे सकते हैं.

ये भी पढ़ें: RBI और PMC बैंक खाताधारकों की बैठक खत्म, अब अकाउंट होल्डर्स मनाएंगे काली दिवाली

सरकार ने जारी किए हैं ग्रीन पटाखे
बता दें कि इस साल केंद्र सरकार (Modi Government) ने ग्रीन पटाखे (Green crackers) जारी किए है. इनमें अनार, पेंसिल, चकरी, फुलझड़ी और सुतली बम शामिल हैं. सरकार का दावा है कि सामान्य पटाखों (Crackers in Delhi) के मुकाबले ग्रीन पटाखों से प्रदूषण 30 फीसदी तक कम होगा. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का कहना है कि इस बार दिवाली पर देश भर में प्रदूषण कम करने वाले ग्रीन पटाखे बाजार में मिलेंगे.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने साल 2018 में पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया था. इसके बाद ग्रीन पटाखों पर विचार किया गया. वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) ने ग्रीन पटाखों को बनाने में अहम काम किया. पटाखा कंपनियों ने करीब 230 सहमति-पत्रों और 165 नॉन डिसक्लोजर एग्रीमेंट्स (NDA) पर हस्ताक्षर किए हैं.



ये भी पढ़ें: पीएम से मुलाकात के बाद नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी बोले- मोदी ने रखे देश को लेकर अपने विचार

क्या होते है ग्रीन पटाखे- एक्सपर्ट्स बताते हैं कि पटाखे को पूरी तरह से पलूशन-फ्री यानी प्रदूषण रहित नहीं बनाया जा सकता लेकिन CSIR यानी काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च के वैज्ञानिकों ने पटाखों का ऐसा फॉर्म्युला तैयार किया है जिसे ग्रीन पटाखों की कैटिगरी में रखा जा सकता है.

चीन में बनते हैं सबसे अधिक पटाखे
दुनिया में सबसे ज्यादा पटाखों का उत्पादन चीन में होता है. वहीं, इसके बाद भारत का नंबर आता है. भारत में तमिलनाडु के शिवकाशी में सबसे ज्यादा पटाखों का उत्पादन होता है. शिवकाशी में 1000 पटाखा मैन्युफैक्चर्स हैं. इनका सालाना कारोबार 6000 करोड़ रुपये का है.

ये भी पढ़ें: झटका! दिवाली से पहले सोना हुआ महंगा, यहां जानें 10 ग्राम का भाव

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 23, 2019, 9:05 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...