6.5 फीसदी आर्थिक वृद्धि चाहिए तो सुधार के लिए साहसिक कदम उठाए सरकार: CII

6.5 फीसदी आर्थिक वृद्धि चाहिए तो सुधार के लिए साहसिक कदम उठाए सरकार: CII
CII

बजट पेश होने से ठीक एक दिन पहले आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey 2019-20) रिपोर्ट जारी होने के बाद उद्योग मंडल CII ने कहा कि सरकार को वृद्धि को प्राथमिकता देने की जरूरत है और इसे हासिल करने के लिये साहसिक उपाय करने होंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 31, 2020, 7:53 PM IST
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नई दिल्‍ली. उद्योग मंडलों और आर्थिक विशेषज्ञों ने कहा है कि 2020-21 में 6 से 6.5 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर (GDP Growth Rate) हासिल करना चुनौतीपूर्ण होगा. उनका कहना है कि सरकार को वृद्धि को प्राथमिकता देने की जरूरत है और इसे हासिल करने के लिये साहसिक उपाय करने होंगे. संसद में शुक्रवार को आर्थिक समीक्षा में अगले वित्त वर्ष 2020-21 में आर्थिक वृद्धि दर 6 से 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है जबकि चालू वित्त वर्ष में इसके 5 प्रतिशत रहने की संभावना है.

सार्वजनिक निवेश की जरूरत
उद्योग मंडल CII के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2020-21 की आर्थिक समीक्षा में वृद्धि दर 6 से 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान रखा गया है. इस लक्ष्य को उपयुक्त सुधारों और सार्वजनिक निवेश के जरिये हासिल किया जा सकता है.’’ CII ने कहा कि आर्थिक समीक्षा के आधार पर यह अनुमान लगाया जाता है कि आम बजट में क्या हो सकता है. इसके आधार पर उम्मीद है कि बजट में कुछ साहसिक सुधार देखने को मिल सकता है.

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कया है जानकारों का कहना


PWC इंडिया के आर्थिक परामर्श सेवा प्रमुख रानेन बनर्जी ने कहा कि 6 से 6.5 प्रतिशत वृद्धि हासिल करना चुनौतीपूर्ण होगा. उन्होंने कहा,‘‘देश में मांग में अभी तेजी आनी बाकी है. भारत समेत वैश्विक वृद्धि पर कोरोना विषाणु का प्रभाव देखने को मिल सकता है. डेलायॅट इंडिया की अर्थशास्त्री रूमकी मजूमदार ने कहा कि समीक्षा में 2020-21 में आर्थिक वृद्धि में तेजी की बात कही गयी है लेकिन इसमें यह भी कहा है कि सरकार को वृद्धि में तेजी लाने के लिये खर्च बढ़ाना पड़ सकता है. यानी राजकोषीय धाटा बढ़ेगा.

खर्च कम करने के लिए कदम उठा सकती है सरकार
उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि पूर्व में कहा गया है, सरकार को फिलहाल आर्थिक वृद्धि को प्राथमिकता देनी चाहिए. एक बार इसमें तेजी आती है, सरकार अपने व्यय को काबू में करने के लिये कदम उठा सकती है.’’उद्योग मंडल एसोचैम के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि केंद्र सरकार को आर्थिक वृद्धि में तेज करने के लिये साहसिक नीतिगत और राजकोषीय उपाय करने की जरूरत है.

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KPMG के भागीदार और राष्ट्रीय प्रमुख (बुनियादी ढांचा, सरकार और स्वास्थ्य) ए जार्ज ने कहा, ‘‘आर्थिक वृद्धि के लक्ष्य को हकीकत में बदलने और राष्ट्रीय आकांक्षाओं को पूरा करने के लिये न केवल बुनियादी ढांचा और ग्रामीण क्षेत्रों में निवेश की जरूरत है बल्कि भरोसे का एक महौल भी बनाने की आवश्यकता है.’’

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