CII का वित्त मंत्रालय को सुझाव, MSMEs की तरह बाकी सेक्‍टर्स के लिए भी लाएं कर्ज गारंटी योजना

CII ने वित्‍त मंत्रालय को मौजूदा माहौल में दबाव झेल रहे सभी सेक्‍टर्स के लिए ईसीएलजीएस स्‍कीम लाने का सुझाव दिया है.
CII ने वित्‍त मंत्रालय को मौजूदा माहौल में दबाव झेल रहे सभी सेक्‍टर्स के लिए ईसीएलजीएस स्‍कीम लाने का सुझाव दिया है.

कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्‍ट्री (CII) ने वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) को चिट्ठी लिखकर दबाव झेल रहे सर्विस सेक्‍टर्स के लिए भी आपात कर्ज सुविधा गारंटी योजना (ECLGS) लाने का सुझाव दिया है. दरअसल, केंद्र सरकार ने स्‍मॉल एंड मीडियम एंटरप्रन्‍योर्स (MSMEs) के लिए कर्ज गारंटी योजना शुरू की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 8, 2020, 11:34 PM IST
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नई दिल्ली. कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्‍ट्री (CII) ने वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) को वित्तीय दबाव झेल रहे व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए आपात कर्ज सुविधा गारंटी योजना (ECLGS) लाने का सुझाव दिया है. सीआईआई ने चिट्ठी लिखकर मंत्रालय से कहा है कि रोजगार के अवसर पैदा करने वाले सेक्‍टर्स पर लंबे समय तक दबाव से देश की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) में सुधार प्रभावित हो सकता है. सीआईआई ने होटल, पर्यटन विमानन और खुदरा जैसे सेवा क्षेत्रों के लिए इस तरह की योजना लाने की जरूरत पर जोर दिया है.

रोजगार मुहैया कराने वाले सेक्‍टर्स को उपलब्‍ध हो सकेगी नकदी
उद्योग मंडल ने कहा कि उसने वित्‍त मंत्रालय से दबाव वाले क्षेत्रों (Stressed Sectors) की मदद करने के लिए हस्तक्षेप का आग्रह किया है. सीआईआई ने कहा कि इससे इस साल राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) पर असर नहीं पड़ेगा बल्कि ऐसे क्षेत्रों को नकदी उपलब्ध हो सकेगी, जो बड़े पैमाने पर लोगों को रोजगार मुहैया (Employment) कराते हैं. सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि हम सरकार के सामने खड़े राजस्व संकट (Revenue Crisis) और इसके राजकोषीय घाटे पर असर को समझते हैं.

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एमएसएमई की तरह दूसरे सेक्‍टर्स के लिए भी दी जाए सुविधा


बनर्जी ने कहा कि माइक्रो, स्‍मॉल एंड मीडियम एंटरप्रन्‍योर्स (MSMEs) के लिए कर्ज गारंटी योजना लाई गई है. केंद्र को दूसरे सेक्‍टर्स के लिए भी ऐसी ही योजना लानी चाहिए. इससे सभी को फायदा होगा. सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत एमएसएमई और कारोबार क्षेत्र के लिए तीन लाख करोड़ रुपये के गारंटीमुक्त कर्ज की योजना ईसीएलजीएस की घोषणा की थी. इस योजना के तहत अभी तक 2.03 लाख करोड़ रुपये का कर्ज मंजूर किया गया है और 1.48 लाख करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं. यह योजना 31 अक्टूबर 2020 को खत्‍म हो रही थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 नवंबर कर दिया गया है.
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