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कोरोना वायरस का 6 महीने में ढूंढ निकालेंगे इलाज- इस इंडियन कंपनी का दावा!

News18Hindi
Updated: March 21, 2020, 2:16 PM IST
कोरोना वायरस का 6 महीने में ढूंढ निकालेंगे इलाज- इस इंडियन कंपनी का दावा!
6 महीने में कोरोना वायरस का इलाज ढूंढा जा सकता है.

भारतीय फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी के हवाले से एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले 6 महीने में कोरोना वायरस (Coronavirus) का इलाज मिल सकता है. फिलहाल यह कंपनी सरकारी लैब्स के साथ मिलकर काम कर रहा है.

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  • Last Updated: March 21, 2020, 2:16 PM IST
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नई दिल्ली. चीन के वुहान शहर में पहली बार सामने आने वाला कोरोना वायरस (Coronavirus) अब पूरी दुनिया को अपनी जद में ले चुका है. ​पिछले साल दिसंबर महीने में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आने के बाद अब तक इसका इलाज नहीं ढूंढा जा सका है. हालांकि, कोरोना टेस्टिंग के लिए भारत समेत दुनिया की कई कंपनियों ने दावा किया है कि वो बेहद कम दाम में टेस्टिंग किट बना सकती हैं जो महज कुछ घंटों में ही रिजल्ट दे सकता है. अब भारतीय फार्मा सेक्टर (Pharma Sector) की एक दिग्गज कंपनी ने दावा किया है कि वो महज 6 महीने के अंदर कोरोना वायरस का इलाज ढूंढ सकती है. सांस और फ्लू जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए पहले से ही बेहतर दवाएं बनाने वाली यह कंपनी 'Cipla' है.

सरकार लैब्स के साथ मिलकर काम कर रही सिप्ला
टाइम्स आफ इंडिया ने अपनी एक खास रिपोर्ट में इस बारे में जानकारी दी है. अगर सिप्ला कोरोना वायरस का इलाज ईजाद करने में सफल होती है तो वह भारत की पहली ऐसी कंपनी होगी. फिलहाल यह कंपनी सरकारी लैबोरेटरीज के साथ मिलकर कोरोना वायरस की दवा विकसित करने में जुटी हुई है. कंपनी ने कहा है कि वह कोरोना वायरस की वजह से सांस लेने में परेशानी, अस्थमा, एंटी वायरल और HIV की दवाओं के इस्तेमाल पर भी प्रयोग कर रही है.

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सिप्ला ने दोगुना किया दवाओं का उत्पादन
सिप्ला के प्रोमोटर यूसुफ हामिदन क हवाले से इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी अपने तमाम संशाधनों को देश की मदद में लगाना अपना राष्ट्रीय कर्तव्य मानती है. कंपनी ने दवाओं का उत्पादन दोगुना कर दिया है. कंपनी के प्रोमोटर ने कहा कि सिप्ला ने स्विट्जरलैंड की कंपनी रोचेज की सूजनरोधी दवा एक्टेमरा को भारत में वितरित कर चुकी है. इस दवा की मदद से फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का इलाज किया जा सकेगा. उन्होंने यह भी कहा है कि अगर इंडियन ड्रग रेग्युलेटर फैसला करता है तो कंपनी के पास और दवाएं हैं, जिनका बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है.

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कंपाउंट बनाने की तैयारी
इस रिपोर्ट में सिप्ला के हवाले से कहा गया है कि एंटी वायरल कंपाउंड बनाना शुरू किया जाएगा. इनमे फेविपिराविर, रेमिडेसिविर और बोलैक्सेविर जैसे कंपाउंट होंगे. कंपनी इस बात पर विचार कर रही है कि इन 3 दवाओं के लिए सरकार लैब्स के साथ मिलकर कच्चे माल को किस तरह बनाया जाए. कंपनी ने कहा है कि उसे लैबोरेटरीज में कई तरह की दवांए हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता है कि कौन सा कॉम्बिनेशन काम करेगा.

अभी तक नहीं मिला है कोरोना वायरस का इलाज
गौरतलब है कि लगभग 4 महीने बाद भी कोरोना वायरस के इलाज नहीं खोजा जा सका है. फिलहाल, कोरोना वायरस के ईलाज के लिए सांस लेने में तकलीफ, एंटी फ्लू, और HIV जैसे समस्याओं में इस्तेमाल होने वाले दवाओं का सहारा लिया जा रहा है. दुनियाभर में कोरोना वायरस की वजह से 10,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. कई देशों में स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है. हालांकि, चीन के वुहान शहर में स्थिति अब पटरी पर लौट रही है.

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First published: March 21, 2020, 1:50 PM IST
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