भारत में अपना कंज्यूमर बैंकिंग बिजनेस बंद करेगा Citibank, जानिए वजह

सिटीबैंक

सिटीबैंक

सिटीग्रुप (Citi Group) ने गुरुवार को ऐलान किया कि वह भारत और चीन समेत 13 देशों में कंज्यूमर बैंकिंग कारोबार बंद करेगा.

  • Share this:
नई दिल्ली. अमेरिका के बहुराष्ट्रीय बैंकिंग और वित्तीय सेवा समूह सिटीग्रुप (Citi Group) भारत से अपना बोरिया बिस्तर समेटने की तैयारी में है. सिटी बैंक (Citibank) ने गुरुवार को भारत में कंज्यूमर बैंकिंग (Consumer Banking) बिजनेस से बाहर निकलने की घोषणा की. बैंक का कहना है कि यह उसकी ग्लोबल स्ट्रैटजी का हिस्सा है.

बैंकिंग कारोबार में करीब 4,000 कर्मचारी कार्यरत

बैंक के कंज्यूमर बैंकिंग बिजनेस में क्रेडिट कार्ड्स, रिटेल बैंकिंग, होम लोन और वेल्थ मैनेजमेंट शामिल है. सिटीबैंक की देश में 35 ब्रांच हैं और उसके कंज्यूमर बैंकिंग बिजेस में करीब 4,000 लोग काम करते हैं.

बैंक ने गुरुवार को 13 देशों से उपभोक्ता बैंकिंग कारोबार से निकलने की घोषणा की. सिटी बैंक के वैश्विक सीईओ जेन फ्रेजर ने इस निर्णय का कारण इन क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा में पैमाने का अभाव बताया.
ये भी पढ़ें- दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही IL&FS ने चुकाई 44 फीसदी उधारी, कर्ज वसूली लक्ष्‍य को बढ़ाकर किया 61 हजार करोड़ रुपय

 कंज्यूमर बैंकिंग बिजनेस से बाहर निकलने के लिए नियामकीय मंजूरी की जरूरत

हालांकि फिलहाल इस खंड से बाहर होने की रूपरेखा का पता नहीं चला है और कंज्यूमर बैंकिंग बिजनेस से बाहर निकलने के प्रस्ताव को लेकर नियामकीय मंजूरी की जरूरत होगी. सिटी इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आशु खुल्लर ने कहा, ''इस घोषणा से हमारे परिचालन में कोई बदलाव नहीं होगा और सहकर्मियों पर भी कोई तत्काल प्रभाव नहीं होगा. इस दौरान हम अपने अपने ग्राहकों को पहले की तरह सेवा देते रहेंगे.''



ये भी पढ़ें- अगर आप भी पाते हैं सरकारी योजना का लाभ तो पोस्‍ट ऑफिस में खुलवा सकते हैं जीरो बैलेंस सेविंग्‍स अकाउंट

1985 में कंज्यूमर बैंकिंग बिजनेस में सिटी बैंक ने रखा था कदम

सिटी बैंक ने 1902 में भारत में कदम रखा था और 1985 में कंज्यूमर बैंकिंग बिजनेस में कदम रखा. संस्थागत बैंकिंग कारोबार के अलावा, सिटी अपने मुंबई, पुणे, बेंगलुरू, चेन्नई और गुरुग्राम केंद्रों से वैश्विक कारोबार पर ध्यान देता रहेगा. सिटी को वित्त वर्ष 2019-20 में 4,912 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था जो इससे पूर्व वित्त वर्ष में 4,185 करोड़ रुपये था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज