बंद हो चुके इस बैंक के ग्राहकों के लिए खुशखबरी, रिफंड होंगे अकाउंट में अटके हुए पैसे

बंद हो चुके इस बैंक के ग्राहकों के लिए खुशखबरी, रिफंड होंगे अकाउंट में अटके हुए पैसे
सीकेपी बैंक ग्राहकों के लिए रिफंड प्रक्रिया शुरू

CKP Bank ग्राहकों को अब डिपॉजिट बीमा कॉरपोरेशन (DICGC) की तरफ से उनकी FD की रकम वापस की जाएगी. इसके लिए बैंक ने पोस्ट के जरिये ग्राहकों को फॉर्म भेजा है, जिसे भरकर जमा करना होगा. 30 अप्रैल को RBI ने इस बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया था.

  • Share this:
मुंबई. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 30 अप्रैल को सीकेपी बैंक (CKP Bank) का लाइसेंस कैंसिल कर दिया था, जिसके बाद इस बैंक के ग्राहकों के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी. RBI के इस फैसले के बाद सभी ग्राहकों के पैसे बैंक में अटक गए थे. लेकिन अब करीब दो महीने बाद इन ग्राहकों के अपने पैसे वापस मिलने का रास्ता साफ हो गया है. उनकी एफडी की रिफंड उन्हें डिपॉजिट बीमा कॉरपोरेशन (DICGC) की तरफ से मिलने वाली है. इसी साल फरवरी में सरकार ने डिपॉजिट बीमा की रकम को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का ऐलान किया था. अब सरकार के इस ऐलान का लाभ सीकेपी बैंक के ग्राहकों को मिलता दिख रहा है.

डिपॉजिट बीमा को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा ऐलान के अनुसार एफडी की ब्याज सहित रकम या 5 लाख रुपये इसमें से जो कोई भी रकम कम होगी उतनी रकम ग्राहकों को दी जायेगी. ये जानकारी महाराष्ट्र नागरी सहकारी बैंक्स फेडरेशन ने दी है.

​इन डॉक्युमेंट्स के साथ भरना होगा एक फॉर्म
सीकेपी बैंक में एफडी में निवेश करने वाले अकेले ग्राहक या संयुक्त ग्राहक अपने पैसे की प्राप्ति के लिए डिपॉजिट कॉर्पोरेशन के नियमों के प्रावधानों के अनुसार दावा कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें KYC प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी. पैसे की प्राप्ति के लिए उन्हें पैन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र जैसे प्रमाण और आवश्यक कागजातों से बैंक के निर्धारित फॉर्म में जमा कराएं.
यह भी पढ़ें: कोरोना काल में इस मुस्लिम देश ने खरीदी हजारों गायें, जानें क्या है वजह?



बैंक ने ग्राहकों को पोस्ट से भेजे हैं फॉर्म
निर्धारित फॉर्म सीकेपी बैंक ने अपने ग्राहकों को पोस्ट से भेजे हैं. महाराष्ट्र टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक जिन्हें फॉर्म नहीं मिला है वे बैंक की नजदीकी शाखा में जाकर उसे प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा बैंक की वेबसाइट www.ckpbank.net पर भी फॉर्म उपलब्ध हैं. महाराष्ट्र नागरी सहकारी बैंक्स फेडरेशन ने एक प्रेस नोट के जरिये ये जानकारी उपलब्ध कराई है.

सवा लाख खाताधारकों के अटके हैं पैसे
गौरतलब है कि आरबीआई साल 2014 से ही सीकेपी बैंक पर प्रतिबंध की अवधि को लगातार बढ़ा रहा था. आरबीआई ने कहा था कि इस बैंक के नेटवर्थ में लगातार गिरावट देखने को मिल रही थी. बैंक का ऑपरेशनल मुनाफा होने के बाद बावजूद नेटवर्थ कम हो रहा था. इसके बाद आरबीआई ने अंतत: इस बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है. आरबीआई के इस फैसले के बाद करीब सवा लाखा खाताधारकों पर संकट खड़ा हो गया. बैंक की 485 करोड़ रुपये की एफडी (Fixed Deposit) भी अधर में अटक गई थी.

यह भी पढ़ें: भूल जाइए एफडी, यहां बचत करने पर मिल रहा ज्यादा मुनाफा, गारंटीड रिटर्न का वादा!

मुंबई के दादर में CKP-Bank का मुख्यालय है. बैंक का घाटा बढ़ने और नेट वर्थ में बड़ी गिरावट आने के कारण बैंक के लेन-देन पर साल 2014 में प्रतिबंध लगाया गया था. उसके बाद से कई बार बैंक का घाटा कम करने का प्रयत्न किया गया. इसके लिए निवेशकों-जमाकर्ताओं ने भी प्रयत्न किया था. इन्होंने ब्याज दर में कटौती की थी. ब्याज दर 2 प्रतिशत तक लाई गई थी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज