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  • फसल कटाई के मौसम में भी ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी बढ़ी, शहरी क्षेत्रों में रोजगार के मोर्चे पर मामूली राहत

फसल कटाई के मौसम में भी ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी बढ़ी, शहरी क्षेत्रों में रोजगार के मोर्चे पर मामूली राहत

देश में अब नौकरियों को लेकर भी हालात में सुधार हो रहा है.

देश में अब नौकरियों को लेकर भी हालात में सुधार हो रहा है.

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के आंकड़ों से पता चलता है कि अक्टूबर महीने के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर बढ़ी है. हालांकि, शहरी क्षेत्रों में इसमें गिरावट आई है.

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    नई दिल्ली. फसल कटाई के मौसम के बावजूद भी ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर (Rural Unemployment Rate) में 100 आधार अंकों से ज्यादा की वृद्धि हुई है. MGNREGA के तहत सितंबर की तुलना में प्रति व्यक्ति रोजगार में गिरावट के बाद अक्टूबर में बेरोजगारी दर बढ़ी है. सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि अक्टूबर महीने में ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर बढ़कर 6.9 फीसदी पर पहुंच गई है. सितंबर यह 5.86 फीसदी पर थी. इसी प्रकार राष्ट्रीय स्तर पर बेरोजगारी दर सितंबर के 6.67 फीसदी से बढ़कर अक्टूबर में 6.98 फीसदी पर पहुंच गई है.

    शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर घटी
    लेकिन, शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर में गिरावट आई है. सितंबर महीने में शहारी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 8.45 फीसदी थी. अक्टूबर महीने में यह ​कम होकर 7.15 फीसदी पर आ गई है. इस महीने में आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियां (Economic and Industrial Activities) शुरू होने बेरोजगारी दर में गिरावट आई है.

    साप्ताहिक बेरोजगारी दर में बढ़ोतरी
    सोमवार को साप्ताहिक बेरोजगारी दर के आंकड़े भी जारी हुए हैं. इससे पता चलता है कि 25 अक्टूबर को खत्म होने वाले सप्ताह की तुलना में 1 नवंबर को खत्म हुए सप्ताह में ग्रामीण, शहरी और राष्ट्रीय स्तर पर बेरोजगारी दर में इजाफा हुआ है.

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    CMIE के आंकड़ों से पता चलता है कि 1 नवंबर को खत्म हुए सप्ताह में राष्ट्रीय बेरोजगारी दर 7.15 फीसदी पर आ गया है. इसके पहले सप्ताह में यह 6.86 फीसदी पर था. इसी प्रकार 1 नवंबर को खत्म होने वाले सप्ताह में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर क्रमश: 7.17 फीसदी और 7.1 फीसदी पर पहुंच गया है. 25 अक्टूबर तक के सप्ताह में यह क्रमश: 7 फीसदी और 6.97 फीसदी के स्तर पर था.

    क्यों दिख रहा ये ट्रेंड?
    जानकारों का कहना है कि फसल की कटाई के मौसम में कुछ हद तक लोगों को रोजगार मिलेगा. लेकिन, देश के कुछ हिस्सों में फसलों की कटाई पूरी तरह से शुरू नहीं हुई है. यही कारण है कि बेरोजगारी दर में यह ट्रेंड देखने को मिल रहा है. बेरोजगारी दर में वृद्धि का दूसरा कारण यह भी है कि लोगों को उचित रोजगारी नहीं मिल पा रहा है. उनको अपने कौशल के अनुरुप काम नहीं मिल पा रहा है. इससे भी बेरोजगारी दर के आंकड़े पर असर पड़ रहा है.

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    अक्टूबर में घटा मनरेगा के तहत रोजगार
    सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि MGNREGA के तहत सितंबर में कुल 26.5 करोड़ व्यक्ति दिवस का काम हुआ है. अक्टूबर के लिए यह केवल 17.3 करोड़ पर ही रहा है. माह-दर-माह स्तर पर यह 30 फीसदी की गिरावट को दर्शाता है. लेकिन, पहले की अनुमान की तुलना में अक्टूबर का यह आंकड़ा अधिक ही है.

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