लाइव टीवी

COAI ने किया Jio का विरोध नजरअंदाज, सरकार से की Airtel और Idea को राहत देने की मांग

पीटीआई
Updated: November 1, 2019, 7:19 PM IST
COAI ने किया Jio का विरोध नजरअंदाज, सरकार से की Airtel और Idea को राहत देने की मांग
रिलायंस जियो

COAI ने रिलायंस जियो के विरोध पर ध्यान न देते हुए टेलीकॉम मंत्री रवि शंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) से इन कंपनियों की खराब वित्तीय हालत का हवाला देते हुए 1.42 लाख करोड़ रुपये बकाये को माफ करने की मांग की है.

  • Share this:
नई दिल्ली. सेल्युलर ऑपरेशन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने रिलायंस जियो (Reliance Jio) की बात को खारिज करते हुए भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और वोडाफोन-आइडिया (Vodafone-Idea) को सरकार की तरफ से राहत देने की मांग की है. COAI के डायरेक्टर जनरल राजन एस मैथ्यू ने टेलीकॉम मंत्री रवि शंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) से इन कंपनियों की खराब वित्तीय हालात का हवाला देते हुए 1.42 लाख करोड़ रुपये बकाये को माफ करने मांग की है. आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने एजीआर मामले में टेलीकॉम कंपनियों के खिलाफ फैसला दिया है. दरअसल AGR (Adjusted Gross Revenue) के तहत टेलीकॉम कंपनियां सरकार के साथ लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज शेयरिंग करती हैंं. AGR में क्या क्या शामिल होगा इसकी परिभाषा को लेकर टेलीकॉम कंपनियां और सरकार के बीच विवाद चल रहा था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इन टेलीकॉम कंपनियों (Telecom Companies) को निर्देश दिया था कि वे तीन माह के अंदर ब्याज के साथ मूलधन और पेनल्टी को जमा करें.

एयरटेल की मांग को ही COAI ने दोहराया-मैथ्यू ने टेलीकॉम मंत्री को यह भी लिखा, 'अगर सरकार के​ लिए पूरी रकम माफ करना संभव नहीं है तो वो कम से कम ब्याज, पेनल्टी और पेनल्टी पर लगने वाले ब्याज को माफ कर दे. क्योंकि, बीते 14 साल से इसका भुगतान नहीं किया गया, ऐसे में हम अनुरोध करते हैं कि पिछले बकाये को चुकाने के लिए 2 साल की मोहलत दी जाए.

आपको बता दें कि COAI की तरफ से यह मांग बिल्कुल वही है जो भारती एयरटेल के मालिक सुनील भारती मित्तल (Sunil Bhart Mittal) व उनके भाई राजन ​मित्तल (Rajan Mittal) ने रविशंकर प्रसाद और टेलीकॉम सेक्रेटरी अंशु प्रकाश से मिलकर की थी.

ये भी पढ़ें: एयरटेल और वोडा-आइडिया के ब्लैकमेल के आगे ना झुके सरकार- रिलायंस जियो

 क्या है रिलायंस जियो का कहना- रिलायंस जियो भी COAI की सदस्य है. जियो अब इन टेलीकॉम कंपनियों द्वारा बकाये रकम की भुगतान न करने पर अ​समर्थता का विरोध कर रही है. जियो चाहती है कि आदर्श रूप से कानूनी विवाद के मद्देनजर इन कंपनियों को बकाये को लेकर अपने खाते में प्रावधान करना चाहिए था.


जियो का कहना है कि COAI ने बिना उसके कमेंट के ही 30 अक्टूबर को सरकार के पास इस मामले का प्रतिनिधित्व किया है. जियो को लगता है कि अपने कुछ सदस्यों के बचाव के लिए COAI सरकार के सामने ब्लैकमेल और डराने के लहजे में अपनी बात रख रहा है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पक्ष में अपनी बात रखते हुए जियो का मानना है कि टेलीकॉम सेक्टर में संकट की कोई स्थिति नहीं है.

Loading...


रविशंकर को लेटर लिखकर जियो ने जताया विरोध-जियो ने टेलीकॉम मंत्री रविशंकर प्रसाद को अलग से एक लेटर लिखकर टैक्सपेयर्स की कीमत पर इन टेलीकॉम कंपनियों को राहत देने का विरोध किया है. जियो ने इस बात पर भी जोर दिया है कि COAI को टेलीकॉम इंडस्ट्री के प्रतिनीधि के तौर पर नहीं देखना चाहिए.

ये भी पढ़ें: सरकार के ​लिए झटका! अक्टूबर में 1 लाख करोड़ रुपये से कम रहा GST कलेक्शन

डिजिटल इंडिया का हवाला देते हुए COAI ने रखी अपनी बात-जियो ने COAI पर आरोप लगाया है कि वो दो ही सर्विस प्रोवाइडर की बात रख रहा है और इन्हीं दो टेलीकॉम कंपनियों के प्रभाव में आकर सरकार को लेटर लिखा है.​

जियो का मानना है कि अपने सभी कानूनी चक्करों को खत्म करने के बाद सरकार से वित्तीय सहायता लेने का कोई मामला नहीं बनता है. बता दें कि राजन मैथ्यू ने 31 अक्टूबर को अपने लेटर में कहा है कि हम एक लंबे रास्ते के जरिए यह सुनिश्चित करेंगे कि टेलीकॉम सेक्टर को मौजूदा हालात से उबारा जा सके और डि​जिटल इंडिया को इससे मदद मिल सके.

(डिस्क्लेमर: हिंदी न्यूज़ 18 डॉट कॉम रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड का हिस्सा है. नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड का स्वामित्व रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास ही है.)

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 1, 2019, 5:45 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...